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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत के बाद गिरफ्तारी पर जताई हैरानी, कहा- व्यक्ति पर अगर कोई और मामला नहीं तो जल्द करें रिहा
Tue, 05 Jul 2022 06:43 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 05 Jul 2022 06:43 AM IST
सार
शीर्ष कोर्ट ने कहा, यह पहेलीनुमा है कि संबंधित एफआईआर के बारे में विशिष्ट अंतरिम आदेश के बाद भी अभियोजन ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट से 24 जून 2022 को गैर जमानती वारंट हासिल कर लिया।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ani
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस बात पर हैरानी जताई कि उसने जिस व्यक्ति को गिरफ्तार न करने का अंतरिम आदेश दिया था, पुलिस ने न सिर्फ उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट हासिल किया बल्कि बाद में उसे गिरफ्तार कर हिरासत में भी भेज दिया। इस व्यक्ति पर महाराष्ट्र में धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।
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जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और कृष्ण मुरारी की अवकाशकालीन पीठ ने पाया कि महाराष्ट्र के लातूर में इस व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामले में पिछले साल 7 मई को शीर्ष अदालत ने गिरफ्तारी से राहत देते हुए नोटिस जारी किया था। पीठ ने कहा कि यदि इस व्यक्ति की किसी और मामले में पुलिस को आवश्यकता नहीं है तो उसे सोमवार को ही रिहा किया जाए।
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शीर्ष कोर्ट ने कहा, यह पहेलीनुमा है कि संबंधित एफआईआर के बारे में विशिष्ट अंतरिम आदेश के बाद भी अभियोजन ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट से 24 जून 2022 को गैर जमानती वारंट हासिल कर लिया। मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में लिखा कि शीर्ष कोर्ट का अंतरिम आदेश जारी होने के छह सप्ताह बाद समाप्त हो चुका है।
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मजिस्ट्रेट की सोच गंभीर चिंता का विषय
पीठ ने कहा कि मजिस्ट्रेट शायद इस नतीजे पर इसलिए पहुंचे कि नोटिस का जवाब देने के लिए शीर्ष कोर्ट ने छह सप्ताह का समय दिया था। पीठ ने कहा, यदि मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में जो आकलन किया, वह याचिकाकर्ता को न्यायिक हिरासत में भेजने की इकलौती वजह है तो अभियोजन एजेंसी की प्रामाणिकता और शीर्ष कोर्ट के आदेश को लागू करने के बारे में मजिस्ट्रेट की सोच गंभीर चिंता का विषय है।
वर्चुअल अदालतों ने वसूला 258 करोड़ से अधिक जुर्माना
देश के 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश में 20 वर्चुअल अदालतों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 1.59 करोड़ मामलों का निपटारा करते हुए 258 करोड़ से अधिक ऑनलाइन जुर्माना वसूला। विधि मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
विधि मंत्रालय के न्याय विभाग ने एक ट्वीट में कहा, वर्चुअल अदालतों के तहत एक मील का पत्थर हासिल किया गया। एक जून, 2022 तक करीब 25 लाख मामलों में 258 करोड़ से अधिक का ऑनलाइन जुर्माना वसूला गया।
एक अधिकारी के मुताबिक ये जुर्माने ट्रैफिक मामलों से जुड़े थे। एक जून तक दिल्ली, केरल, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर में दो, हरियाणा, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, मेघालय, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में एक-एक वर्चु्अल अदालतें सक्रिय थीं।