फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court Says compensation and interest will get on land acquisition for National Highways

राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए जमीन अधिगृहण पर भी मिलेगा हर्जाना और ब्याज : सुप्रीम कोर्ट

Fri, 20 Sep 2019 06:39 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Fri, 20 Sep 2019 06:39 AM IST
सार

  • राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए अधिगृहित होने वाली जमीन के लिए हर्जाना और ब्याज मिलेगा
  • सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम की धारा-3जे को असंवैधानिक करार दिया
  • पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार समेत अन्य की याचिकाओं पर दिया आदेश

विज्ञापन
Supreme Court Says compensation and interest will get on land acquisition for National Highways
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

अब राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए अनिवार्य रूप से अधिगृहित होने वाली जमीन के लिए भी उसके मालिकों को हर्जाना और इसमें देरी पर ब्याज मिलेगा। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम की धारा-3जे को असंवैधानिक करार देते हुए यह अहम फैसला दिया है।

विज्ञापन


जस्टिस रोहिंग्टन एफ नरीमन और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा, हर्जाना और ब्याज से संबंधित भूमि अधिग्रहण अधिनियम का प्रावधान राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम,1956 के तहत भी लागू होगा। अदालत ने धारा-3जे को संविधान के अनुच्छेद-14 (समानता) का उल्लंघन बताया। इस धारा के मुताबिक भूमि अधिग्रहण अधिनियम का प्रावधान राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम पर लागू नहीं होता।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार समेत अन्य की याचिकाओं पर अपना आदेश दिया है। इससे पहले हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत अधिगृहित जमीनों के एवज में हर्जाना व ब्याज नहीं देना कानूनन सही नहीं है। हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

1997 से 2015 के बीच हुए अधिगृहण पर मालिकों को मिलेगा लाभ

1997 में राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम में हुए संशोधन के तहत हर्जाने व ब्याज के हिस्से को हटा दिया गया था। इससे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहण भी भूमि अधिग्रहण के प्रावधानों के तहत होता था। फिर 2013 में भूमि अधिग्रहण कानून को खत्म कर ‘राइट टू फेयर कॉम्पनसेशन एंड ट्रांसपेरेंसी इन लैंड एक्विजिशन रिहेबलिटेशन एंड रीसेटलमेंट’ एक्ट लाया गया। सरकार ने कहा, इसके जरिए फिर से हर्जाना व ब्याज राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत होने वाले अधिग्रहण पर लागू कर दिया गया। यह 2015 में लागू हुआ था। अब सुप्रीम कोर्ट ने ताजा आदेश में कहा है, 1997 से 2015 के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अनिवार्य जमीन अधिग्रहण के मामले में भी जमीन मालिकों को हर्जाना व ब्याज मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed