फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court refuse to entertain petition challenging Triple Talaq ordinance

सर्वोच्च न्यायालय ने तीन तलाक अध्यादेश के खिलाफ दायर याचिका खारिज की

Mon, 11 Mar 2019 11:54 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Mon, 11 Mar 2019 11:54 AM IST
विज्ञापन
Supreme Court refuse to entertain petition challenging Triple Talaq ordinance
तीन तलाक विधेयक पर सुनवाई करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार किया है - फोटो : PTI

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को तीन तलाक विधेयक को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया। फरवरी में तीन तलाक विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाले तीन जजों की बेंच ने वकील रीपक कंसल की याचिका को खारिज कर दिया।

विज्ञापन


इस बेंच में जस्टिस दीपक गुप्ता और संजीव खन्ना भी शामिल थे। फरवरी में बजट सत्र के दौरान तीन तलाक विधेयक लोकसभा में पास हो गया था लेकिन राज्यसभा में अटक गया था क्योंकि उच्च सदन अनिश्चितकाल के लिए भंग हो गई थी। पिछले साल संसद में तीन तलाक के मुद्दे को उस समय उठाया गया था जब उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय बेंच ने इस प्रथा को असंवैधानिक करार दिया था।
विज्ञापन


मुस्लिम समाज में जारी इस प्रथा में पति केवल तीन बार तलाक शब्द कहकर अपनी पत्नी को तलाक दे देता है। अदालत ने इस प्रथा को गैर इस्लामिक और मनमाना करार देते हुए इस बात को मानने से इनकार कर दिया था कि तीन तालक धार्मिक अभ्यास का एक अभिन्न अंग है। सोमवार को न्यायमूर्ति गोगोई ने कहा, 'अगर राज्यसभा में कोई बिल पारित नहीं होता है और सदन भंग हो जाती है तो बहुत कुछ नहीं कर सकते।'
विज्ञापन
विज्ञापन

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed