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सुप्रीम कोर्ट: अनुच्छेद-370 को निरस्त करने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर जुलाई में सुनवाई के आसार
Mon, 25 Apr 2022 09:27 PM IST
Amit Mandal
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 25 Apr 2022 09:27 PM IST
सार
संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र सरकार के अगस्त 2019 के फैसले को चुनौती देने वाली 20 से अधिक याचिकाएं शीर्ष अदालत के समक्ष लंबित हैं।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : Social Media
विस्तार
जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुछेद-370 को निरस्त करने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर जुलाई में सुनवाई हो सकती है। सोमवार को जम्मू-कश्मीर में परिसीमन अभ्यास का हवाला देते हुए मामले का उल्लेख करने के बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण अनुच्छेद-370 मामले को सूचीबद्ध करने पर विचार करने के लिए सहमत हो गए।
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वरिष्ठ वकील शेखर नाफड़े ने जम्मू-कश्मीर में चल रहे परिसीमन अभ्यास का हवाला देते हुए सीजेआई से मामले को सूचीबद्ध करने की मांग की। इस पर सीजेआई ने कहा कि वह इस मामले को सूचीबद्ध करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि पीठ की संरचना को लेकर कुछ मुद्दे हैं। सीजेआई ने नानाफड़े से कहा कि यह मामला पांच जजों की पीठ के सामने है। हमें विवरण दीजिए। हम इसे सूचीबद्ध करेंगे। जजों और पीठ की संरचना के कुछ मुद्दे हैं। नाफड़े वार्ताकारों राधा कुमार, कपिल काक और अन्य की ओर से पेश हुए थे।
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मालूम हो कि संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के केंद्र सरकार के अगस्त 2019 के फैसले को चुनौती देने वाली 20 से अधिक याचिकाएं शीर्ष अदालत के समक्ष लंबित हैं। इस अनुच्छेद को निरस्त करके केंद्र ने जम्मू और कश्मीर राज्य की विशेष स्थिति को रद्द कर दिया था। इसके बाद राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया था। मार्च 2020 में सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने माना था कि अनुच्छेद-370 को चुनौती देने वाली याचिकाओं के समूह को सात-न्यायाधीशों की संविधान पीठ को भेजने की कोई आवश्यकता नहीं है। शीर्ष अदालत ने यह तब कहा था जब कुछ याचिकाकर्ताओं ने मामले को सात-न्यायाधीशों की पीठ के पास भेजने की मांग की थी।
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