फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   supreme court hear on bail plea of manish sisodia ed reply delhi liquor policy scam

आबकारी मामला: मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का ईडी से सवाल- धन लेने के सबूत कहां हैं?

Fri, 06 Oct 2023 01:00 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 06 Oct 2023 01:00 PM IST
सार

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पूछा था कि दिल्ली शराब नीति घोटाले में जब राजनीति पार्टी को फायदा मिलने की बात कही जा रही है तो फिर राजनीतिक पार्टी को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी क्यों नहीं बनाया गया है?

विज्ञापन
supreme court hear on bail plea of manish sisodia ed reply delhi liquor policy scam
manish sisodia, मनीष सिसोदिया - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

दिल्ली शराब घोटाले में आप नेता मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने ईडी से कई सवाल किए। लंबी दलीलों के बाद कोर्ट मामले की सुनवाई टाल दी। अब इस पर 12 अक्तूबर को सुनवाई होगी। दरअसल, मनीष सिसोदिया ने दो याचिकाएं दाखिल की है, जिनमें दिल्ली हाईकोर्ट के जमानत ना देने के फैसले को चुनौती दी गई है। वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने मनीष सिसोदिया की ओर से पक्ष रखा। सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि आरोप बेबुनियाद हैं और इनसे साबित नहीं होता कि याचिकाकर्ता का इस धांधली से कोई संबंध है। आरोपी विजय नायर याचिकाकर्ता का सहयोगी नहीं है। 

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से पूछा कि पैसे लेने का सबूत कहां है? शीर्ष अदालत ने कहा, आप सिर्फ गवाह के बयान पर भरोसा नहीं कर सकते। सिसोदिया के खिलाफ धन के लेन-देन का सबूत बताएं। यह भी स्पष्ट किया, आम आदमी पार्टी (आप) को आरोपी बनाने के संबंध में ईडी से पूछा गया सवाल सिर्फ कानूनी था।
विज्ञापन


जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी की पीठ ने जमानत याचिकाओं पर बहस के दूसरे दिन ईडी व सीबीआई से सिसोदिया की भूमिका को लेकर कई सवाल किए। पीठ ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से कहा, आपको कड़ी (चेन) स्थापित करनी होगी। पैसा शराब लॉबी से व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। हम सहमत हैं कि कड़ियां जोड़ना मुश्किल है क्योंकि सबकुछ गुप्त रूप से किया गया....पर यहीं आपकी क्षमता की बात आती है। पीठ ने पूछा, क्या दिनेश अरोड़ा के बयान के अलावा कोई अन्य सबूत है? पीठ सिसोदिया को जमानत देने से मना करने के दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। मामले में अगली सुनवाई 12 अक्तूबर को होगी।  
विज्ञापन
विज्ञापन


पैसे शराब से जुड़े लोगों ने दिए यह जरूरी नहीं
पीठ ने पूछा, क्या मनी लॉन्ड्रिंग की आय को सिसोदिया से जोड़ने का कोई संकेत है। आप तथ्यात्मक और कानूनी रूप से सिसोदिया की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग को कैसे स्थापित करेंगे? उन्हें पता हो सकता है कि इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन वह कभी भी भौतिक कब्जे में नहीं आया।

पीठ ने यह भी पूछा, उसने दो आंकड़े 100 करोड़ और 30 करोड़ रुपये की बात की है। सवाल यह है कि उन्हें (आरोपी) यह भुगतान किसने किया क्योंकि पैसे देने वाले बहुत से लोग हो सकते हैं, जो जरूरी नहीं कि शराब से जुड़े हों।

हम सवाल पूछते हैं, जवाब चाहते हैं, हम मीडिया से प्रभावित नहीं होते
पीठ ने सुनवाई की शुरुआत में कहा, शराब नीति मामले में आप को ‘आरोपी’ बनाने से सबंधित ईडी से पूछा गया सवाल सिर्फ कानूनी था, किसी राजनीतिक दल को फंसाने के लिए नहीं था। पीठ ने कहा, सवाल यही था कि ए और बी को आरोपी बनाया है और सी को फायदा पहुंचा है, तो उसे आरोपी क्यों नहीं बनाया? हम सवाल पूछते हैं, हम जवाब चाहते हैं। हम मीडिया से प्रभावित नहीं होते। दरअसल सिसोदिया के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मीडिया में हेडलाइन है कि कोर्ट ने ईडी ने पूछा, ‘पार्टी को आरोपी क्यों नहीं बनाया गया’। सवाल को मीडिया ने ऐसे चित्रित किया, जैसे कि अदालत ऐसा चाहती है।


फरवरी से जेल में बंद हैं सिसोदिया
बता दें कि दिल्ली शराब घोटाले में सीबीआई और ईडी ने मनीष सिसोदिया को आरोपी बनाया है। सीबीआई ने मनीष सिसोदिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधी कानून और ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत मामला दर्ज किया है। मनीष सिसोदिया पर आरोप है कि दिल्ली में शराब नीति बनाते वक्त कई धांधली की गईं। मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था और वह तब से ही जेल में बंद हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed