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बाइक बोट घोटाला: सर्वोच्च न्यायालय ने उद्योगपति दिनेश पांडे को 10 करोड़ रुपये में दी जमानत
Thu, 02 Sep 2021 11:08 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 02 Sep 2021 11:08 PM IST
सार
3500 करोड़ रुपये के घोटाले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जून में दिए थे पांडे की रिहाई के आदेश, फिर भी नहीं हुआ था जेल से रिहा
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सर्वोच्च न्यायालय
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 3500 करोड़ रुपये के बाइक बोट घोटाले से जुड़े मुकदमों और शिकायतों के सिलसिले में हिरासत में मौजूद उद्योगपति दिनेश पांडे को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि दिनेश पांडे को इसके लिए 10 करोड़ रुपये अदालत में जमा करने होंगे। अदालत ने जमानत पाने के लिए पांडे के सामने यह शर्त रखी है।
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शीर्ष अदालत ने सुनवाई में गौर किया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिनेश पांडे को इस साल जून में जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। हाईकोर्ट ने पाया था कि पांडे का नाम किसी भी मुकदमे में दर्ज नहीं है। साथ ही वह बाइक बोट योजना शुरू कर लाखों निवेशकों के पैसे हजम करने वाली निजी कंपनी में भी निदेशक, कर्मचारी या मैनेजर नहीं है।
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जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ को पांडे के वकील ने बताया कि उसे अभी तक रिहा नहीं किया गया है, क्योंकि पुलिस ने उसके खिलाफ नई एफआईआर कर दी है। इसकी जानकारी उसे पहले नहीं दी गई थी। पीठ ने अंतरिम राहत देते हुए कहा कि जमानत पाने के लिए पांडे को हाईकोर्ट द्वारा तय की गई शर्तों को पूरा करना होगा।
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पीठ में न्यायाधीश हृषिकेश राय और सीटी रविकुमार भी शामिल रहे। पीठ ने कहा कि छह जुलाई के आदेश में दर्ज कारणों के अनुरूप हम उत्तर प्रदेश और दिल्ली राज्यों को याचिकाकर्ता जमानत पर रिहा करने का आदेश देते हैं। इसके साथ ही इस मामले में भविष्य में कोई भी मुकदमा इस अदालत से पहले अनुमति लेने के बाद ही दर्ज किया जाएगा।
पीठ ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से दिए गए आदेश के हिसाब से जमानत के लिए याचिकाकर्ता को 10 करोड़ रुपये की रकम के बराबर एक राष्ट्रीय बैंक की एफडी इस अदालत की रजिस्ट्री में अगले आदेशों तक के लिए जमा करानी होगी। यह जमानत के लिए पूर्व निर्धारित शर्त रहेगी।