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सुप्रीम कोर्ट ने जवाब दाखिल नहीं करने पर सात राज्यों पर जुर्माना लगाया
Tue, 13 Aug 2019 06:47 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 13 Aug 2019 06:47 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मानवाधिकार अदालतें स्थापित करने से जुड़े जवाब दाखिल नहीं करने पर सात राज्यों पर एक लाख रुपये तक जुर्माना लगाया है। शीर्ष अदालत ने जनवरी 2018 में इस बारे में निर्देश दिया था।
सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान, उत्तराखंड पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया क्योंकि न तो इन राज्यों ने अपना जवाब दाखिल किया था और न ही सुनवाई के दौरान इनके वकील अदालत में मौजूद थे।
जस्टिस दीपक गुप्ता और बीआर गवई की खंडपीठ ने जवाब दाखिल नहीं करने के लिए तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, मेघालय और मिजोरम पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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पीठ ने कहा कि यह सात राज्य चार हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करें। शीर्ष अदालत ने चार जनवरी 2018 को सभी राज्यों को यह निर्देश दिया था कि वे मानवाधिकर अदालतों की स्थापना के मुद्दे पर अपने जवाब दाखिल करेँ।
शीर्ष अदालत ने 4 जनवरी, 2018 को सभी राज्यों को मानव अधिकार अधिनियम, 1993 के तहत मानवाधिकार न्यायालयों की स्थापना और विशेष सरकारी अभियोजकों की नियुक्ति के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रियाएँ दर्ज करने का निर्देश दिया था।
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सर्वोच्च न्यायालय ने राजस्थान, उत्तराखंड पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया क्योंकि न तो इन राज्यों ने अपना जवाब दाखिल किया था और न ही सुनवाई के दौरान इनके वकील अदालत में मौजूद थे।
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जस्टिस दीपक गुप्ता और बीआर गवई की खंडपीठ ने जवाब दाखिल नहीं करने के लिए तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, मेघालय और मिजोरम पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
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पीठ ने कहा कि यह सात राज्य चार हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करें। शीर्ष अदालत ने चार जनवरी 2018 को सभी राज्यों को यह निर्देश दिया था कि वे मानवाधिकर अदालतों की स्थापना के मुद्दे पर अपने जवाब दाखिल करेँ।
शीर्ष अदालत ने 4 जनवरी, 2018 को सभी राज्यों को मानव अधिकार अधिनियम, 1993 के तहत मानवाधिकार न्यायालयों की स्थापना और विशेष सरकारी अभियोजकों की नियुक्ति के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रियाएँ दर्ज करने का निर्देश दिया था।