फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court Daily wage earners can be regularized only after appointment to approved post

Supreme Court: स्वीकृत पद पर नियुक्ति होने के बाद ही नियमित हो सकते हैं दैनिक वेतनभोगी, SC ने याचिका की खारिज

Fri, 10 Feb 2023 05:43 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Fri, 10 Feb 2023 05:43 AM IST
सार

जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ के समक्ष बताया गया कि राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग में पर्यवेक्षक के रूप में पांडे की सेवाओं को नियमित करने के हाईकोर्ट की एकलपीठ के आदेश को खंडपीठ ने रद्द कर दिया था।

विज्ञापन
Supreme Court Daily wage earners can be regularized only after appointment to approved post
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, दैनिक वेतनभोगी को तब तक नियमित नहीं किया जा सकता जब तक सक्षम अधिकारी स्वीकृत पद के बदले नियुक्ति नहीं कर देता। इस टिप्पणी के साथ शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ के 13 फरवरी, 2020 के एक आदेश के खिलाफ विभूति शंकर पांडे की अपील को खारिज कर दिया।
विज्ञापन


जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ के समक्ष बताया गया कि राज्य सरकार के जल संसाधन विभाग में पर्यवेक्षक के रूप में पांडे की सेवाओं को नियमित करने के हाईकोर्ट की एकलपीठ के आदेश को खंडपीठ ने रद्द कर दिया था। अपीलकर्ता ने दावा किया था कि वह 1980 में राज्य जल संसाधन विभाग की एक परियोजना के तहत दैनिक दर के आधार पर पर्यवेक्षक के रूप में कार्यरत था। उन्होंने सुपरवाइजर या टाइम कीपर के पद पर नियमितीकरण की मांग की। उक्त पद के लिए न्यूनतम योग्यता गणित के साथ मैट्रिक पास थी। कोर्ट ने नोट किया कि यह योग्यता अपीलकर्ता के पास नहीं थी। हालांकि 31 दिसंबर, 2010 को एक सरकारी सर्कुलेट (परिपत्र) में इस योग्यता में ढील दी गई थी। अपीलकर्ता ने अपने नियमितीकरण की मांग की क्योंकि वह पद के लिए योग्य था और लंबे समय से दैनिक वेतन के आधार पर काम कर रहा था।
विज्ञापन


नियमितीकरण के लिए उपलब्ध नहीं था पद
पीठ ने नोट किया कि नियमितीकरण के लिए अपीलकर्ता का दावा इस कारण से खारिज कर दिया गया था कि भले ही गणित के साथ मैट्रिक की न्यूनतम योग्यता उसके नियमितीकरण के लिए आड़े नहीं आएगी, लेकिन तथ्य यह है कि अपीलकर्ता को कभी भी किसी पद के बदले नियुक्त नहीं किया गया था। इसके अलावा उनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकारी ने कभी की ही नहीं थी और नियमितीकरण के समय कोई पद उपलब्ध नहीं था। दूसरी ओर अपीलकर्ता ने नियमितीकरण के लिए अपना दावा इस आधार पर पेश किया कि दैनिक वेतनभोगी के रूप में उससे कनिष्ठ व्यक्तियों को वर्ष 1990 या उससे भी पहले नियमित किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed