फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court Collegium To Meet Today Over Justice KM Joseph Elevation

जस्टिस जोसेफ के मसले पर आज फिर होगी सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक

Fri, 11 May 2018 08:04 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 11 May 2018 08:04 AM IST
विज्ञापन
Supreme Court Collegium To Meet Today Over Justice KM Joseph Elevation

उत्तराखंड के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त करने के मुद्दे पर कॉलेजियम आज फिर विचार करेगा। दोपहर एक बजे प्रस्तावित बैठक में चर्चा की जाएगी कि सरकार को दोबारा उनका नाम भेजा जाए या नहीं।

विज्ञापन


गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पहली बार जस्टिस केएम जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति की सिफारिश लौटा दी थी। माना जा रहा है कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम जज जिस्टिस जे चेलमेश्वर द्वारा सीजेआई दीपक मिश्रा को लिखे पत्र के बाद कॉलेजियम ने बैठक बुलाई है। जस्टिस चेलमेश्वर ने चीफ जस्टिस से कॉलेजियम की बैठक बुलाकर जस्टिस जोसेफ का नाम दोबारा सरकार के पास भेजने का आग्रह किया।
विज्ञापन


कॉलेजियम की शुक्रवार को बैठक बुलाने का फैसला चेलमेश्वर की ओर से चीफ जस्टिस को लिखे गए पत्र के बाद आया। चीफ जस्टिस को लिखी चिट्ठी में उन्होंने कहा है कि 10 जनवरी को जिन परिस्थितियों में कॉलेजियम ने उत्तराखंड के चीफ जस्टिस जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने की सिफारिश की थी, उनमें परिवर्तन नहीं हुआ है। इसलिए, उनके नाम को पुनर्विचार के लिए भेजा जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


शीर्ष अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि बुधवार शाम भेजे पत्र में जस्टिस चेलमेश्वर ने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा जस्टिस जोसेफ के नाम पर उठाए सवालों के जवाब भी दिए हैं। कॉलेजियम की अनुशंसा खारिज करते हुए 26 अप्रैल को प्रसाद ने दो तक दिए थे। उन्होेंने कहा था कि हाई कोर्ट के जजों की वरिष्ठता सूची में वह काफी नीचे हैं। और अन्य राज्यों के सुप्रीम कोर्ट में कम प्रतिनिधि हैं।

एक और जज पक्ष में

Supreme Court Collegium To Meet Today Over Justice KM Joseph Elevation

पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस कुरियन जोसेफ भी जस्टिस केएम जोसेफ का नाम दोबारा सरकार को भेजने का समर्थन कर चुके हैं। उन्होंने नाम वापसी पर चिंता जताते हुए कहा था कि अब वह सब हो रहा है, जो कभी नहीं हुआ।

दोबारा भेजा तो सरकार को स्वीकार करना होगा
आज अगर कॉलेजियम ने जस्टिस केएम जोसेफ का नाम दोबारा सरकार के पास भेजा तो केंद्र को उसे स्वीकार करना ही होगा। विधि विशेषज्ञों के अनुसार सरकार को सुप्रीम कोर्ट के 1993 और 1998 में दिए दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। हालांकि, सरकार द्वारा कॉलेजियम की अनुशंसा पर फैसला लेने की कोई तय समय सीमा नहीं है, यानी सरकार चाहे तो इसे ठंडे बस्ते में डाल सकती है।

विपक्ष का आरोप
सरकार द्वारा जस्टिस जोसेफ का नाम नामंजूर किए जाने के बाद विपक्ष ने कहा था कि उन्हें उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन हटाने की सजा मिल रही है। जस्टिस जोसेफ 2016 में कांग्रेस शासित उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने का मोदी सरकार का फैसले खारिज करने वाली पीठ के अध्यक्ष थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed