{"_id":"619b529d5f600c20b92e18d7","slug":"supreme-court-asks-wb-speaker-to-decide-on-plea-seeking-disqualification-of-tmc-leader-mukul-roy","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट: मुकुल रॉय की सदस्यता पर शीघ्र फैसला करें विधानसभा अध्यक्ष","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट: मुकुल रॉय की सदस्यता पर शीघ्र फैसला करें विधानसभा अध्यक्ष
Mon, 22 Nov 2021 01:49 PM IST
अजय सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: अजय सिंह
Updated Mon, 22 Nov 2021 01:49 PM IST
सार
भाजपा के टिकट से चुनाव जीतने वाले मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।
विज्ञापन
मुकुल रॉय
- फोटो : ANI
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष से मुकुल रॉय की अयोग्यता पर जल्द निर्णय के लिए कहा। भाजपा के टिकट से चुनाव जीतने वाले मुकुल रॉय तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। कोर्ट ने सुनवाई जनवरी के तीसरे हफ्ते के लिए टालते हुए अनुरोध किया कि स्पीकर तब तक फैसला ले लें।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति एल नागेश्वर और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष और विधानसभा के सचिव तथा निर्वाचन अधिकारी द्वारा दायर दो अलग-अलग अपीलों पर सुनवाई कर रही थी। उच्च न्यायालय ने 28 सितंबर को अध्यक्ष से कहा था कि मुकुल रॉय को अयोग्य ठहराने के लिए दायर याचिका पर सात अक्तूबर तक फैसला लें ।
विज्ञापन
उच्चतम न्यायालय, जिसने अपीलों पर नोटिस जारी नहीं किया, ने बनर्जी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ए. एम सिंघवी की दलीलों पर ध्यान दिया कि रॉय को अयोग्य ठहराये जाने के अनुरोध संबंधी याचिका पर 21 दिसंबर को अध्यक्ष के समक्ष सुनवाई होनी है।
विज्ञापन
पीठ ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि अध्यक्ष 21 दिसंबर, 2021 को मामले की सुनवाई करेंगे और कानून के अनुसार इस पर फैसला करेंगे।’ न्यायालय ने इस मामले में अब अगले साल जनवरी में सुनवाई करेगा।
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने 17 जून को अध्यक्ष के समक्ष याचिका दायर कर रॉय को विधानसभा के सदस्य के रूप में अयोग्य ठहराने का अनुरोध किया था और दावा किया था कि वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं।
राज्य के भाजपा विधायक अंबिका रॉय ने जुलाई में मुकुल रॉय को लोक लेखा समिति (पीएसी) का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। उन्होंने परंपरा के अनुसार इस पद पर विपक्षी सदस्य के नामांकन का अनुरोध किया था।