{"_id":"57e9aed44f1c1b0b705743d2","slug":"sufi-leaders-to-visit-kashmir-for-peace-campaign","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूफी दरगाह और खानकाह प्रमुखों का दल करेगा कश्मीर दौरा","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
सूफी दरगाह और खानकाह प्रमुखों का दल करेगा कश्मीर दौरा
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 27 Sep 2016 04:58 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के जाने माने खानकाह और दरगाह प्रमुखों ने कश्मीर की अवाम से सामान्य स्थिति की बहाली में सरकार की मदद करने की अपील की है। अजमेर शरीफ दरगाह के प्रमुख दीवान सैयद जैनुल आबेदीन साहब की अगुवाई में दरगाह प्रमुखों का एक दल जल्द ही जम्मू-कश्मीर की यात्रा करेगा। इस दल ने इस बाबत दिल्ली में गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। दल ने राजनाथ सिंह को आश्वस्त किया है कि वह कश्मीर जाकर वहां के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करेगा। और बहनों से शांति बनाए रखने की बात करेंगे।
विज्ञापन
दीवान आबेदीन ने कहा कि कश्मीर 700 सालों से सूफी संस्कृति का गढ़ रहा है। लेकिन कश्मीर के आज के हालात तकलीफ देते हैं। इस दल ने भरोसा दिलाया कि गृह मंत्री घाटी के हालात को सामान्य करने की हरचंद कोशिश कर रहे हैं। इसमें वहां की जनता को सरकार का साथ देना पड़ेगा। इस दल में दिल्ली के दरगाह हजरत निजामुद्दीन औलिया, गुलबर्ग के ख्वाजा बंदा नवाज, यूपी की दरगाह फतेहपुर सीकरी, बिहार के दरगाह मनेर शरीफ, आंध्र प्रदेश तके दरगाह युसूफियां नापल्ली, गुजरात के दरगाह अंबेथा शरीफ और हैदराबाद के दरगाह हरादरवाजा के प्रमुख शामिल हैं।
विज्ञापन
राजनाथ सिंह से बातचीत में इन प्रमुखों ने कहा कि भारत सूफी संस्कृति और अध्यात्म का देश रहा है। देश के दरगाह और खानकाह लोगों के लिए आध्यात्म के स्त्रोत हैं और आम लोगों की तकलीफों पर मरहम लगाया है।
विज्ञापन