फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Still an opportunity to learn from nature

चमोली आपदा पर पर्यावरणविद राजेंद्र सिंह की प्रतिक्रिया, 'अब भी प्रकृति से सीखने का अवसर है'

Mon, 08 Feb 2021 12:40 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Mon, 08 Feb 2021 12:40 AM IST
विज्ञापन
Still an opportunity to learn from nature
राजेंद्र सिंह - फोटो : pti

चमोली जिले में एवलांच के बाद ऋषिगंगा और फिर धौलीगंगा पर बने हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध टूटने पर प्रसिद्ध पर्यावरणविद एवं जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया जारी की है।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि पिछले साल प्रो. जीडी अग्रवाल गंगा नदी पर बनाए जा रहे बांधों को लेकर लंबे समय तक अनशनरत रहे और आमरण अनशन कर अपनी प्राण त्यागे थे। और उनकी मांग थी कि गंगा, भागीरथी, मंदाकिनी और अलकनंदा पर सभी निर्माणाधीन और प्रस्तावित बांधों पर तत्काल रोक लगा दी जाए। लेकिन सरकारों ने उनकी मांगों को नहीं माना। अब प्रकृति ने ही इन योजनाओं को रद्द कर दिया है।
विज्ञापन

हमें इस विनाश का गहरा दुख है। पिछले 15 वर्षों से अपनी सरकारों को समझाने का प्रयास कर रहे थे। हमें अब भी प्रकृति से सीखने का अवसर है।

बता दें कि उत्तराखंड की 14 नदी घाटियों में 220 से ज्यादा छोटी बड़ी परियोजनाएं बन रही हैं। इस वजह से नदियों को 10 से 15 किलोमीटर तक सुरंग में डाला जा रहा है। इन बांधों के कारण नदियों की अविरलता पर खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा नदियों में लगातार खनन से भी नदियों के अस्तित्व पर संकट है।

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed