लेनिन की मूर्ति गिराये जाने के बाद त्रिपुरा में हिंसक प्रदर्शन, धारा 144 लागू
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त्रिपुरा के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत के बाद तोड़-फोड़ और मारपीट की खबरें सामने आ रही हैं। सरकार के गठन से पहले वामपंथी स्मारकों को गिराया जा रहा है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक त्रिपुरा के बेलोनिया सब डिविजन में रूसी क्रांति के नायक व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति को गिराया गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। जहां बुलडोजर की मदद से मूर्ति को गिराया जा रहा है।
मूर्ति गिराते वक्त भारत माता की जय के नारे लगाए जा रहे थे। एसपी के मुताबिक बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बुलडोजर ड्राइवर को शराब पिलाकर मूर्ति को गिरवाया। ड्राइवर को गिरफ्तार किया जा चुका है और उसके बुलडोजर को सीज कर दिया गया है।
त्रिपुरा में जिन इलाकों से हिंसा की घटनाओं की जानकारी मिल रही थी, वहां धारा 144 लागू कर दी गई है।
Section 144 imposed in several violence affected areas in #Tripura pic.twitter.com/bkTJV6QqTN
— ANI (@ANI) 6 March 2018
वहीं इस घटना पर बयानबाजी का दौर भी शुरू हो चुका है। बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भी इस पर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि लेनिन तो विदेशी है, एक प्रकार का आतंकवादी है। ऐसे व्यक्ति का हमारे देश में स्टेच्यू क्यो? स्वामी ने कहा कि स्टेच्यू कम्यूनिस्ट पार्टी के हेडक्वार्टर के अंदर रख सकते हैं और पूजा करें।
#Lenin to videshi hai, ek parakar se antankwadi hai, aise vyakti ka humare desh mein statue? Woh statue Communist party ke headquarters ke andar rakh sakte hain aur pooja karen :Subramanian Swamy pic.twitter.com/DUDVFApSCT
— ANI (@ANI) 6 March 2018
त्रिपुरा में 25 साल के वामपंथी शासन के बाद बीजेपी ने जीत दर्ज की। सीपीआई (एम) ने आरोप लगाया है कि बीजेपी और आईपीएफटी के कार्यकर्ता हिंसा पर उतारू हो चुके हैं। वामपंथी पार्टी के दफ्तर पर तोड़फोड़ की गई और कार्यकर्ताओं के घरों को भी निशाना बनाया गया।लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने से वामपंथी दल और उनके कैडर में नाराजगी है।
नाराज वामपंथी पार्टी ने ट्वीट पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने चुनाव से पहले लेफ्ट के दफ्तरों पर हुए हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
Post Poll violence in Tripura against the Left is the truth which mocks the PM's claims that BJP believes in democratic norms! What is happening in Tripura is a wholesale effort to bully, intimidate and spread a feeling of fear and insecurity among Left cadres and supporters. pic.twitter.com/l1FFAqFhR1
— CPI (M) (@cpimspeak) 5 March 2018