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अपनी ही सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं नितिन गडकरी? जानें अब तक क्या-क्या दिए बयान

Mon, 28 Jan 2019 09:26 AM IST
sapna singla न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: sapna singla Updated Mon, 28 Jan 2019 09:26 AM IST
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statements given by Nitin Gadkari which makes his party uncomfortable on many occasions
नितिन गडकरी

केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा चुनाव से पहले ऐसा बयान दिया है जिससे कि मोदी सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती है। रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने चुनाव में किए गए वादों का जिक्र करते हुए कहा कि वही सपने दिखाने चाहिए जिन्हें कि पूरा किया जा सके वरना जनता सपने पूरा न होने पर नेताओं की पिटाई करती है। 

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बयान देते हुए गडकरी ने किसी नेता या पार्टी का नाम तो नहीं लिया लेकिन उनका यह बयान मोदी सरकार को घेरने के लिए विपक्ष का हथियार बखूबी बन सकता है। गडकरी के बयान के बाद कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट करते हुए कहा कि गडकरी जी हम समझ गए हैं कि आपका निशाना किधर है। उन्होंने गडकरी के बहाने भाजपा को घेरने की कोशिश की। 
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कांग्रेस के अलावा एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने भी गडकरी के बायन पर ट्वीट कर कहा कि वह काफी चतुराई से पीएम मोदी को आईना दिखाने का काम कर रहे हैं। वहीं गडकरी के बयान को लेकर पार्टी बचाव की मुद्रा में आ गई है। पार्टी का कहना है कि गडकरी ने वादा न पूरा करने की बात विपक्ष के संदर्भ में कही है। आज हम आपको गडकरी के उन बयानों के बारे में बताते हैं जिसने उनकी पार्टी को असहज करने का काम किया है।
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नेहरू की तारीफ
गडकरी ने बीते हफ्ते एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के भाषण की खुलकर तारीफ की थी। इससे पहले वह इंदिरा गांधी की भी तारीफ कर चुके हैं।

सत्ता के लिए बड़े वादे
अपने एक बयान में नितिन गडकरी ने कहा था कि हमें विश्वास था कि हम सत्ता में नहीं आएंगे। इसी वजह से चुनाव मे बड़े-बड़े वादे किए जिससे यदि हम सत्ता में नहीं आएं तो हम जिम्मेदार नहीं ठहराए जाएंगे। हालांकि विवाद बढ़ने पर गडकरी ने सफाई देते हुए कहा था कि इसका गलत मतलब निकालने वालों को मराठी भाषा समझ में नहीं आती है।

नहीं हैं नौकरियां
मोदी सरकार को विपक्ष लगातार बेरोजगारी के मुद्दे पर घेरती रही है। गडकरी ने इसे लेकर भी बयान दिया था। कुछ समय पहले मराठा आरक्षण को लेकर उन्होंने कहा था कि आरक्षण देने का क्या फायदा जब नौकरियां ही नहीं हैं। नौकरियां कम हो रही हैं। यदि आरक्षण दे भी दिया तो नौकरी कैसे देंगे। सरकारी भर्तियां रुकी हुई हैं, नौकरियां कहां है। 

असफलता का कौन है जिम्मेदार
नेताओं की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने को लेकर भी गडकरी बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अगर पार्टी के विधायक या सांसद अच्छा काम नहीं करता हो तो उसकी जिम्मेदारी पार्टी के मुखिया की होती है। सफलता के दावेदार कई होते हैं लेकिन विफलता में कोई साथ नहीं देता है। 

मुंह बंद रखें कुछ नेता
एक टीवी कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा था, 'हमारे पास इतने नेता हैं और हमें उनके सामने (टीवी पत्रकारों) बोलना पसंद है, इसलिए हमें उन्हें कुछ काम देना है। उन्होंने एक फिल्म के सीन का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोगों के मुंह में कपड़ा डाल कर उनका मुंह बंद करने की जरूरत है।'


नितिन गडकरी बेशक अपने बयानों को विपक्षी दलों का दुष्प्रचार बता चुके हैं लेकिन यह बात भी सच है कि विपक्ष इसे भाजपा सरकार के खिलाफ हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने से परहेज नहीं कर रही है। हालांकि पिछले दिनों उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि उनके बयानों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। इससे मुझे और मेरी पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है।

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