पठानकोट आतंकी हमला: सलविंदर समेत 13 गवाहों के बयान दर्ज
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पाकिस्तान ने औपचारिक तौर पर माना है कि पठानकोट आतंकी हमला उसकी जमीन से संचालित हुआ और उसे अंजाम देने वाले आतंकवादी उनकेही नागरिक थे। इस जांच केलिए आई पाकिस्तान कीसंयुक्त जांच दल (जेआईटी) और नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के साझा किए गए सबूतों पर बृहस्पतिवार को दिन भर बातचीत हुई।
इस दौरान जेआईटी ने पंजाब पुलिस केएसएसपी सलविंदर सिंह और उसकेदो साथियों समेत 13 गवाहों के बयान दर्ज किए। यह सभी सबूत और बयान पाकिस्तान की सीआरपीसी की धारा 188 के तहत वहां की अदालत में मान्य होगा।
एनआईए के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से की गई जांच और भारत के दिए गए सबूत एक दूसरे केकई मायने में मिल रहे हैं। लिहाजा पाकिस्तान तकनीकी तौर पर भारत केसबूतों को ठुकरा नहीं पाएगा।
बची हुई बारीकियों पर होगी मंत्रणा
जेआईटी और एनआईए शुक्रवार को कुछ घंटों के लिए फिर मिलेगी और मामले की बची हुए बारीकियों पर मंत्रणा होगी। शुक्रवार दोपहर बाद जेआईटी पाकिस्तान के लिए रवाना हो जाएगी।
सूत्रों केमुताबिक पाकिस्तान भारत को हमले की पूरी साजिश के तह तक पहुंचने में भारत की मदद करेगा। इस क्रम में भारत के हाथ जैश प्रमुख मसूद अजहर की गिरेहबान तक पहुंच सकता है।
एनआईए ने पाकिस्तान को आतंकियों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डीएनए सैंपल, कॉल डिटेल और आतंकियों केपास से मिले पाक में निर्मित समानों की फेहरिस्त सौंप दी है। जेआईटी आतंकियों की पहचान कर उसकेपरिवार वालों से उनकी डीएनए को मैच कराएगा। ताकि उसकेपाकिस्तानी होने के ठोस सबूत बना सके।