अगर नाइक के खिलाफ सबूत हो तो जरूर हो कार्रवाई: दिग्विजय सिंह
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विवादित मुस्लिम गुरु डॉ. जाकिर नाइक के साथ वर्ष 2012 में एक समरोह में मंच साझा करने और नाइक को शांतिदूत बताने वाले बयान पर आलोचना झेल रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्वजय सिंह ने सफाई दी है। दिग्विजय ने कहा है कि नफरत फैलाने वाले भाषण देने वाले चाहे वो मुसलमान हो या हिन्दू या ईसाई, उन पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
दिग्विजय सिंह ने अपने बचाव करते हुए कहा है कि अगर भारत सरकार या बंग्लादेश सरकार के पास डॉ. जाकिर नाइक के आईएसआईएस से संबंध को लेकर कोई सबूत है तो उनके खिलाफ जरूर कार्रवाई होनी चाहिए। सिंह ने कहा है कि जाकिर नाइक द्वारा आयोजित उस सम्मेलन में मैने धार्मिक रूढिवाद और आंतकवाद पर लेकर बातें रखी थीं।
साथ ही मैंने धार्मिक सौहार्द बनाए रखने की भी अपील की थी। मालूम हो कि पिछले दिनों ढाका के एक कैफे में हुए हमले में शामिल पांच में से एक आंतकी कथित तौर पर नाइक के नफरत फैलाने वाले बयानों से प्रभावित था।
दिग्वियजय की हो रही है आलोचना
इस सम्मेलन का वीडियो सामने आने के बाद दिग्वजय सिंह की आलोचना हो रही है। इस वीडियो में सिंह को कहते हुए पाया गया है डॉ. जाकिर नाइक जैसे लोग हिन्दु और मुस्लिम के बीच दूरियों को पाटने का काम कर सकते हैं। सम्मेलन में सिंह ने यह भी कहा था जाकिर को पूरे देश में भ्रमण करना चाहिए। मैं बहुत खुश हूं कि जाकिर शांति के संदेश का प्रचार कर रहे हैं।
हमें उनकेसंदेश को पूरे भारतवर्ष में फैलाने की दरकार है। मालूम हो कि नाइक फिलहाल साउदी अरब में है। 11 जुलाई को उसकेभारत लौटने की उम्मीद है। इसके अगले दिन नाइक द्वारा संवाददाता सम्मेलन करने की भी योजना है। संवाददाता सम्मेलन केलिए बकायदा एक पीआर एजेंसी को भी रखा गया है।