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Startup India: दुनिया पर भारी पड़ेंगे भारत के 70 हजार लोग, सरकार ने बनाया बड़ा प्लान !

Sat, 17 Sep 2022 07:04 AM IST
निर्मल कांत आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली
आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 17 Sep 2022 07:04 AM IST
सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समरकंद में देश की युवा ताकत का जिक्र करते हुए चीन और रूस जैसे देशों को संदेश दिया कि आने वाला वक्त अब भारत का है। उन्होंने बताया कि भारत में 70 हजार से ज्यादा स्टार्टअप्स हैं।

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Startup India 70 thousand people will dominate the world government plan
स्टार्टअप - फोटो : pixabay

विस्तार

सत्तर हजार लोगों के माध्यम से पूरी दुनिया पर भारत भारी पड़ने वाला है। इसके लिए बाकायदा देश में पूरा खाका तैयार कर लिया है। शुरुआती दौर में यह 70 हजार लोग पूरी दुनिया की  40 फीसदी आबादी को एक विशेष ग्रुप के माध्यम से अपनी ताकत का एहसास कराएंगे। धीरे-धीरे यही ग्रुप पूरी दुनिया में छाकर भारत की ताकत को न सिर्फ मजबूत करेगा बल्कि दुनिया के सबसे अग्रणी देशों में शामिल करने की हैसियत भी रखेगा।

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समरकंद से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसे ही ग्रुप का जिक्र कर पूरी दुनिया को ताकत का एहसास कराया। विदेशी मामलों के जानकार भी मानते हैं कि प्रधानमंत्री ने जिस ग्रुप का जिक्र किया है वह आने वाले दिनों में पूरी दुनिया को लीड करने में सक्षम होगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समरकंद में देश की युवा ताकत का जिक्र करते हुए चीन और रूस जैसे देशों को संदेश दिया कि आने वाला वक्त अब भारत का है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत में 70 हजार से ज्यादा स्टार्टअप्स हैं। यही स्टार्टअप्स दुनिया की बहुत बड़ी ताकत बनकर उभर रहे हैं।
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प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ देशों के सदस्यों के सामने खुले मंच से कहा कि हमारा यह अनुभव सदस्य देशों के काम आ सकता है। इस दौरान उन्होंने इस बात का भी जिक्र करते हुए कहा कि भारत 'स्पेशल वर्किंग ग्रुप ऑन स्टार्टअप एंड इनोवेशन' की स्थापना करने को भी तैयार है जो सदस्य देशों के साथ मिलकर न सिर्फ अपने अनुभव को साझा कर सकते हैं बल्कि बेहतरी के लिए तमाम प्रयास भी कर सकते हैं।

विदेशी मामलों के जानकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एससीओ देशों के लिए इतना बड़ा ऑफर देना कूटनीतिक मामले में बहुत बड़ा कदम है।

'सेंटर फॉर यूरेशियन स्टडीज एंड लिंग्विस्टिक' के सदस्य प्रोफेसर जेएन मेहरा कहते हैं कि प्रधानमंत्री ने जिस तरीके से समरकंद में एससीओ देशों के सामने जो बातें रखी हैं उन्हें सिर्फ सदस्य देशों तक ही सीमित करके नहीं देखना चाहिए। मेहरा कहते हैं कि इसका संदेश पूरी दुनिया के लिए है।

उन्होंने कहा जिस तरीके से भारत में स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिल रहा है निश्चित तौर पर वह पूरी दुनिया के लिए एक नजीर भी बन रहा है और हमारे अनुभवों से पूरी दुनिया में लीडरशिप के तौर पर आगे आने का एक बड़ा प्लेटफार्म भी मिल रहा है। प्रोफेसर मेहरा कहते हैं कि भारत में बनाए जाने वाले स्पेशल वर्किंग ग्रुप ऑन स्टार्टअप एंड इनोवेशन की स्थापना का जिक्र करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया को एक बड़ा संदेश दिया है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के अध्यापक प्रोफेसर अभिषेक सिंह कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समरकंद में दिए गए पूरे भाषण का निचोड़ सिर्फ सदस्य देशों तक ही सीमित न माना जाए। अभिषेक सिंह कहते हैं कि भारत ने सिर्फ स्टार्टअप्स में ही खुद को आगे नहीं रखा है। बल्कि जिस तरीके से विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडीशनल मेडिसिन का सबसे बड़ा और इकलौता सेंटर भारत में शुरू किया है वह भी भारत को एक बड़े लीडर के तौर पर ही पेश करता है।

विदेशी मामलों के जानकार और पूर्व राजनयिक एचसी मेहता का मानना है कि इस समिट के माध्यम से भारत ने एससीओ देशों के लिए अपने अनुभवों को साझा करने का जो विचार रखा है वह उसको एक अलग पहचान दिलाता है। मेहता का कहना है इस समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात भी बहुत महत्वपूर्ण रही है। इस मुलाकात का संदेश पूरी दुनिया में गया है। खास तौर से रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के दौरान जिस तरीके से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पुतिन ने बातचीत की वह भारत को एक बड़े लीडर के तौर पर स्थापित भी कर रहा है।

पूर्व राजनयिक मेहता कहते हैं कि ऐसा बहुत कम होता है कि जब चलते हुए युद्ध के बीच में प्रभावित देशों में से किसी एक देश का राष्ट्रपति किसी दूसरे बड़े देश के साथ बड़े मंच पर खुलकर न सिर्फ चर्चा करें बल्कि इसके बारे में पूरी जानकारी और से अवगत कराने की भी बात करता रहे।


विदेशी मामलों के जानकार और पीस मिशन में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी आलोक चतुर्वेदी कहते हैं जिस तरीके से पुतिन और मोदी के बीच मुलाकात हुई है वह भारत की स्थिति को दुनिया के फलक पर बहुत मजबूत करता है। इस समिट में हिस्सा लेने गए एक वरिष्ठ राजनयिक बताते हैं कि जल्द ही भारत स्टार्टअप्स और इन्नोवेटर्स ग्रुप को लेकर दुनिया की 40 फीसदी आबादी वाले एससीओ देशों के साथ आपसी समझौते के तहत प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाएगा।

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