भारत-चीन के बीच अहम मुद्दों पर बातचीत, विवादित सीमा के परिसीमन पर बनी सहमति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत और चीन के बीच दशकों पुरानी सीमा विवाद के निबटारे की प्रक्रिया में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और उनके चीनी समकक्ष वांग यी ने शनिवार को दिल्ली में बैठक की। दोनों देशों की तरफ से नियुक्त प्रतिनिधि स्तर की बातचीत में विवाद के तकनीकी पहलूओं पर आगे बढने के लिए सीमा पर शांति की पहली शर्त पर मुहर लगी।
चीनी प्रतिनिधि और वहां के विदेश मंत्री यी ने माना कि सीमा पर दोनों तरफ तैनात सेना और अर्धसैनिक बलों की झड़प और घुसपैठ इस काम में अड़चन पैदा करता है। सहमति है कि सीमा पर बातचीत में आर्थिक, सुरक्षा और सामरिक विवादास्पद मुद्दों को आड़े नहीं आने दिया जाएगा।
यह बातचीत विशेष प्रतिनिधि वार्ता के फ्रेमवर्क के तहत हो रही है जिसका आधार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिंगपिंग ने रखी थी। इस फ्रेमवर्क के तहत यह 22वीं बातचीत है। एनएसए दोभाल भारत की तरफ से प्रतिनिधि हैं जो लंबे समय से चीन केसाथ सीमा विवाद समेत अन्य मुद्दों पर भी सक्रिय हैं।
सरकारी सूत्रों केमुताबिक दोनों देशों के बीच करीब 3500 किलोमीटर लंबी सीमा के विभिन्न पहलूओं पर बातचीत हुई। चीन की तरफ से भी इन विवाद पर काफी सकारात्मक रुख है। खास बात है कि दोनों पक्ष अपने रुख पर अडने के बजाए एक दूसरे को नजरिय को समझ आगे बढ़ रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि सीमा से जुड़े दर्जन से भी अधिक जटिल मसले हैं। अरुणाचल और सिक्किम जैसे भारत के कई क्षेत्रों पर चीन अपना दावा ठोंकता है। तय सीमा केअलावा दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर भी कई विवाद हैं।
गौरतलब है कि अक्टूबर में मलल्लापुरम में मोदी और जिंगपिंग के बीच दूसरे अनौपचारिक मुलाकात के बाद यह चीनी प्रतिनिधी की पहली उच्चस्तरीय यात्रा है। इस बीच भारत ने प्रस्तावित रिजनल कॉम्पीहेंसिव इकोनोमिक पार्टनरशीप (आरसीइपी) से भी हाथ खींच लिया था।
विवादित सीमा की परिसीमन पर सहमति
दोनों प्रतिनिधियों ने सीमा के विवादित हिस्सों की नए सिरे से परिसीमन पर अहम बातचीत हुई है। इसकेसाथ ही सीमा प्रबंधन और अन्य विषयों पर भी बातचीत हुई जो सीमा विवाद के जल्द निबटारे केलिए अहम माने जाते हैं। सूत्रों के मुताबिक दोनों प्रतिनिधि अपने राष्ट्रध्यक्षों की सहमति को आगे बढ़ा रहे हैं। शनिवार को इस बात पर भी सहमति बनी कि सीमा विवाद निबटारा दोनों देशों की जनता केलिए फायदेमंद होगा।
उपराष्ट्रपति से मिले चीनी विदेश मंत्री वांग यी
चीन के काउंसलर और विदेश मंत्री वांग यी ने शनिवार शाम दिल्ली में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की। भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों की 22 वीं बैठक पर उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा, भारत एक अच्छी पड़ोसी नीति का पालन करता है और चीन के साथ क्षेत्र की रक्षा, विश्व शांति और स्थिरता के लिए काम करने को तैयार है।Chinese State Counsellor & Foreign Minister Wang Yi met Vice President M Venkaiah Naidu, in Delhi today. pic.twitter.com/hYbO2oE1Ej
— ANI (@ANI) December 21, 2019
चीनी विदेश मंत्री ने कहा यह बैठक रणनीतिक संचार के लिए महत्वपूर्ण मंच
भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों की 22 वीं बैठक पर चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, 'दोनों पक्षों के बीच 70 स्मरणीय आयोजनों पर सहमति और घोषणा हुई है। अगला कदम कूटनीतिक संबंधों की स्थापना की 70 वीं वर्षगांठ को पारस्परिक रूप से लाभप्रद सहयोग और लोगों से लोगों के बीच आदान-प्रदान को गहरा करने के अवसर के रूप में होगा।'वांग यी ने कहा, यह बैठक दोनों देशों के बीच सीमा से जुड़े सवालों पर चर्चा करने के लिए न केवल मुख्य चैनल है, बल्कि दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक संचार के लिए भी एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा,
उभरते बाजार के देशों के मुख्य प्रतिनिधियों के रूप में, चीन और भारत दोनों आर्थिक कायाकल्प और विकास के प्रमुख ऐतिहासिक चरण में हैं, इसलिए दोनों बड़े पैमाने पर एक सामान्य रणनीतिक हितों को साझा करते हैं।
Chinese Foreign Minister Wang Yi: As the main representatives of emerging market countries, China and India are both at the key historical stage of rejuvenation and development, therefore share a wide range of common strategic interests. https://t.co/whm8aP3enQ
— ANI (@ANI) December 21, 2019
एनएसए डोभाल ने कहा- इस बैठक से नई दृष्टि और रणनीतिक मार्गदर्शन की पेशकश
चीन और भारत के विशेष प्रतिनिधियों की 22 वीं बैठक पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने कहा, भारत और चीन के नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विकास और सीमा से जुड़े सवालों के निपटारे के लिए एक नई दृष्टि और रणनीतिक मार्गदर्शन की पेशकश की है।उन्होंने कहा, दोनों पक्षों को हमारे दोनों नेताओं द्वारा बनाए गए महत्वपूर्ण आम सहमति को लागू करना चाहिए, रणनीतिक संचार को मजबूत करना चाहिए। इसके साथ ही बातचीत और परामर्श के माध्यम से सीमा से जुड़े सवालों को हल करने का प्रयास करना चाहिए, ताकि द्विपक्षीय संबंधों के जरिए अधिक से अधिक विकास को बढ़ावा दिया जा सके।
NSA Ajit Doval: Both sides should fully implement important consensus reached by our 2 leaders, strengthen strategic communication, & try to resolve boundary question through dialogue & consultation, so as to promote greater development of bilateral relations. 2/2 https://t.co/Z2it72Ywim
— ANI (@ANI) December 21, 2019