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कोयला घोटाले में पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे पर आरोप तय, चलेगा केस

Thu, 27 Apr 2017 04:46 AM IST
amarujala.com- Presented by: संदीप भ्ाट्ट
amarujala.com- Presented by: संदीप भ्ाट्ट Updated Thu, 27 Apr 2017 04:46 AM IST
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Special CBI court frames charges against former minister Dilip Ray

एनडीए की वाजपेयी सरकार में कोयला राज्य मंत्री रहे दिलीप रे व अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष सीबीआई अदालत ने आरोप तय कर मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है। मामला कैस्ट्रोन माइनिंग लिमिटेड (सीएमएल) को 1999 में झारखंड के गिरीडीह में कोल ब्लॉक आवंटन में अनियमितता से जुड़ा है।      

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पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज भरत पराशर ने दिलीप राय, कोयला मंत्रालय के तत्कालीन दो वरिष्ठ नौकरशाह प्रदीप कुमार बनर्जी व नित्यानंद गौतम, कैस्ट्रोन टेक्नोलॉजी लिमिटेड (सीटीएल) के निदेशक महेंद्र कुमार अग्रवाल तथा सीएमएल के खिलाफ आरोप तय करते हुए मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है। सीबीआई अदालत ने इन आरोपियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, विश्वासघात संबंधी धाराओं तथा भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत आरोप तय किए हैं।    
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बता दें कि वाजपेयी सरकार में दिलीप रे कोयला राज्य मंत्री थे, जबकि बनर्जी कोयला मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव तथा गौतम प्रोजेक्ट एडवाइजर थे। अगली सुनवाई 11 जुलाई को होगी। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि दिलीप रे ओडिशा से विधायक हैं इसलिए केस की सुनवाई रोज होनी चाहिए। सीबीआई ने इस मामले में आरोपी रहे भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद पीके अग्रवाल की मौत होने के कारण उनका नाम चार्जशीट में शामिल नहीं किया है।       
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क्या है मामला
अगस्त 1998 की रिपोर्ट में बताया था कि ब्रह्माडीहा खदान काफी समय से बेकार पड़ी है इससे कोयला निकाला जाना सुरक्षा नियमों के खिलाफ होगा। सीबीआई के मुताबिक यह फाइल 23 अप्रैल 1999 को दिलीप रे के कार्यालय भेज दी गई थी। सीटीएल ने 12 मई 1999 को नए सिरे से आवेदन देकर उनके आवेदन को शीघ्र निपटाने के लिए कहा था। रे ने अगले दिन यह फाइल कोयला सचिव को भेज कर इस पर दोबारा विचार करने के लिए कहा था। एजेंसी का दावा है कि यह फाइल दोबारा नित्यानंद गौतम के पास पहुंची तो उन्होंने पहले के रुख से यू-टर्न लेते हुए खदान आवंटन की सिफारिश कर दी। 

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