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सीआरपीएफ: तीन-चार माह बाद सेवानिवृत्त हो जाएंगे दर्जनभर कैडर डीआईजी, डीपीसी की मंज़ूरी के बावजूद नहीं बने आईजी
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सीआरपीएफ
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अमर उजाला (फाइल फोटो)
विस्तार
देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' में आईजी बनने का सपना टूटता दिखाई पड़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, बल में दर्जनभर डीआईजी (कैडर), आईजी के पद के लिए जरूरी सभी योग्यताएं पूरी करते हैं। ये सभी डीआईजी अगले तीन-चार माह बाद सेवानिवृत्त हो जाएंगे। खास बात ये है कि इन अफसरों की पदोन्नति को डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी 'डीपीसी' की मंजूरी जनवरी में ही मिल चुकी है। इसके बावजूद, आईजी पद पर इनके पदोन्नति आदेश जारी नहीं किए जा रहे हैं।
बल मुख्यालय के सूत्रों का कहना है कि डीपीसी की क्लीयरेंस के बाद भी यदि तय समय पर संबंधित अधिकारी को प्रमोशन नहीं मिलता है तो यह उनके लिए अत्यंत पीड़ादायक है। सीआरपीएफ में चेन वैकेंसी के जरिए कैडर डीआईजी से आईजी बनाए जाने हैं। इसके लिए गत वर्ष प्रक्रिया शुरू की गई थी। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों वीडियो कांफ्रेंसिंग में बल के महानिदेशक ने आईजी 'पर्क' को आईपीएस डीआईजी साकेत को बतौर आईजी पदोन्नत करने संबंधी आदेश जारी करने के लिए कहा था। दो आईपीएस को एडीजी बनाने की फाइल तेज गति से क्लीयर हो गई थी।
सीआरपीएफ में कई 'सीओ' की पदोन्नति होनी है। अभी दो पद खाली हैं, लेकिन सालभर में करीब 13 पद भरे जाने हैं। इनकी डीपीसी अभी तक नहीं हो सकी है। इससे कैडर अफसरों का मनोबल टूट रहा है। पूर्व आईजी गुरचरण सिंह का कहना है, कैडर अफसरों की पदोन्नति को लेकर आईपीएस को कोई मतलब नहीं है। पूर्व डीजी एएस गिल कमेटी को जो रिपोर्ट सौंपी गई थी, उसमें कैडर अधिकारियों के लिए पांच एडीजी व 14 आईजी के पद देने की मांग की गई थी। कमेटी ने मांगों पर ध्यान ही नहीं दिया। कैडर रिव्यू पहले से ही एक साल देरी से चल रहा है। आरआर 'भर्ती नियम' के मुताबिक, कैडर अधिकारियों से एडीजी के दो पदों को भरा जाना है। मौजूदा समय में एडीजी का केवल एक ही पद दिया गया है। 2009 से लेकर अब तक बल में एडीजी का पद नहीं बढ़ाया गया है। कोर्ट में कहा जाता है कि एडीजी का वेतन तो दे रहे हैं। इससे सबसे बड़े अर्धसैनिक बल में कैडर अफसरों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सीआरपीएफ के आईजी भूपत सिंह चौहान 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। हैरानी की बात है कि वे अपनी पदोन्नति के लिए कोर्ट में पहुंचे हैं। उन्होंने कोर्ट में गुहार लगाई है कि कैडर अधिकारियों का एडीजी पदों पर 33 फीसदी का कोटा है। डीओपीटी के अनुसार भी कैडर अधिकारियों के लिए एडीजी के दो पद हैं। बल में केवल एक पद दिया गया है। ऐसे उनका प्रमोशन किया जाए। पूर्व अफसरों का कहना है, ये मनमानी है। पुराने पदों पर आईपीएस को पदोन्नति मिल जाती है। कैडर अधिकारी को यह कह कर चुप करा दिया जाता है कि वे नए पदों के सृजित होने का इंतजार करें। इस बारे में मुख्यालय में पीआर ब्रांच से सम्पर्क किया गया है। अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।