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कोरोना के मामलों में कमी: दूसरा पीक कम होने के मिले शुरुआती संकेत
Tue, 04 May 2021 07:28 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 04 May 2021 07:28 AM IST
सार
- महाराष्ट्र सहित कुछ राज्यों में नए मामले हुए हैं कम, लेकिन अभी भी कई राज्यों में बढ़ रहा संक्रमण
- अस्पतालों से मरीजों के डिस्चार्ज होने पर भी 20 फीसदी बढ़ोतरी
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कोरोना की जांच
- फोटो : PTi
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विस्तार
कोरोना वायरस की दूसरी लहर को लेकर केंद्र सरकार ने दावा किया है कि कुछ राज्यों में नए मामले कम होने के संकेत मिल रहे हैं। सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने कहा कि महाराष्ट्र सहित कुछ राज्यों में पिछले दो सप्ताह के दौरान केस में कमी आई है।
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महाराष्ट्र के 15 जिलों में संक्रमण का यह स्तर देखने को मिला है। वहीं अस्पतालों से डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की संख्या में भी 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। इस हिसाब से देखें तो कुछ जगहों पर दूसरी लहर कमजोर पड़ने के शुरूआती संकेत देखने को मिल रहे हैं।
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महाराष्ट्र के अलावा दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी नए मामले कम हुए हैं लेकिन आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, कर्नाटक, केरल इत्यादि में यह तेजी से बढ़ रहे हैं। इसलिए कोरोना संक्रमण को लेकर किए जा रहे प्रयास अभी भी जारी हैं।
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दो दिन की स्थिति पर बोलना जल्दबाजी : विशेषज्ञ
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से जुड़े प्रारंभिक संकेत मिल रहे हैं। हालांकि फिलहाल इसका गणितीय आकलन करके दूसरा पीक निकलने का दावा करना ठीक नहीं है। कम से कम दो से तीन सप्ताह एक जैसी स्थिति होने के बाद ही यह कहा जा सकता है कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर अब कमजोर पड़ने लगी है।
एम्स दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि बीते शनिवार को देश में चार लाख से भी अधिक मामले मिले थे और इसके बाद रविवार को 3.92 और अब 3.68 लाख मामले सामने आए हैं। इनके अलावा पिछले दो सप्ताह के दौरान मरीजों की रिकवरी एवं कुछ जिलों की स्थिति से भी शुरुआती संकेत मिल रहे हैं।
हालांकि अभी यह क्रम आगे कितने दिन और बना रहता है? यह सबसे ज्यादा जरूरी है। वहीं आईआईटी के पूर्व प्रोफेसर रिजो एम जॉन का कहना है कि दो दिन या फिर एक सप्ताह के आंकड़ों पर यह तय नहीं किया जा सकता है कि देश में संक्रमण का दूसरा पीक निकल चुका है। अगर वर्तमान हालात देखें तो कम से कम 21 दिन तक एक जैसा ट्रेंड मिलने के बाद ही कुछ आकलन किया जा सकता है।
24 राज्यों में एक लाख से कम सक्रिय मरीज
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में फिलहाल 24 राज्य ऐसे हैं जहां सक्रिय मरीजों की संख्या एक लाख से कम है। इनमें से 17 राज्यों में यह आंकड़ा 50 हजार से भी कम है। हालांकि 12 राज्यों में अभी भी इन उपचाराधीन मरीजों की संख्या एक लाख से अधिक बनी हुई है।
संक्रमण दर की राज्यों में यह है स्थिति
मंत्रालय ने दूसरी लहर कमजोर पड़ने के शुरूआती संकेत मिलने का दावा किया है लेकिन अगर संक्रमण दर भी गौर किया जाए तो अभी भी 22 राज्य ऐसे हैं जहां यह 15 फीसदी से अधिक है।
इनके अलावा नौ राज्यों में संक्रमण दर 5 से 15 फीसदी और केवल पांच राज्यों में यह पांच फीसदी से कम है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पांच फीसदी संक्रमण दर तक स्थिति आसानी से नियंत्रित की जा सकती है।
इन राज्यों में मिल रहे हैं संकेत
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार छत्तीसगढ़, दमन व दीव, दिल्ली, गुजरात, झारखंड, लद्दाख, लक्षद्वीप, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, तेलंगना, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में संकेत मिल रहे हैं कि यहां प्रतिदिन संक्रमित मिलने वाले मामले अब कम हो रहे हैं।
जबकि अंडमान निकोबार, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, चंडीगढ़, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, कर्नाटक और केरल में मामले बढ़ रहे हैं। इनके अलावा मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, पांडिचेरी, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में भी नए मामले बढ़ते जा रहे हैं।
नए मामले और डिस्चॉर्ज होने वालों के बीच बढ़ा अंतर
संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने बताया कि हर दिन मिलने वाले संक्रमित मरीज और डिस्चार्ज मामलों के बीच अगर अंतर देखें तो वह काफी तेजी से बढ़ा है। 20 अप्रैल को 1,54,761 मरीज डिस्चार्ज हुए थे। जबकि 2,59,170 नए मामले सामने आए थे।
उस दौरान इनके बीच 60 फीसदी का अंतर पाया गया था लेकिन पिछले एक दिन में यह अंतर 82 फीसदी तक दर्ज किया गया है। हालांकि 21 से 24 अप्रैल के बीच यह अंतर 50 फीसदी तक पहुंच गया था लेकिन डिस्चार्ज होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही इसमें सुधार होने लगा।