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One Nation One Election: कानून मंत्रालय के अधिकारियों ने की कोविंद से मुलाकात, एक साथ चुनाव के मुद्दे पर चर्चा
Sun, 03 Sep 2023 03:28 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 03 Sep 2023 03:28 PM IST
सार
इससे पहले शनिवार को एक देश एक चुनाव पर केंद्र सरकार ने आठ सदस्यीय समिति का गठन कर दिया। कानून मंत्रालय ने इसे लेकर एक अधिसूचना भी जारी की।
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पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश में एक साथ चुनाव कराने की संभावना पर बनाई गई समिति सक्रिय हो गई है। शीर्ष अधिकारियों ने समिति के अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को प्रारंभिक जानकारी दे दी है। जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय कानून मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने रविवार को पूर्व राष्ट्रपति से मुलाकात की। कोविंद लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, स्थानीय निकायों के एक साथ चुनाव कराने की संभावना पर और इस सिलसिले में सिफारिशों के लिए बनाई गई उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष हैं।
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सरकार ने शनिवार को आठ सदस्यीय समिति अधिसूचित किया था। सूत्रों के मुताबिक, कानून सचिव नितेन चंद्रा, विधायी सचिव रीता वशिष्ठ और अन्य ने रविवार दोपहर कोविंद से मुलाकात। उन्होंने बताया कि वह समिति के समक्ष एजेंडे पर किस तरह आगे बढ़ेंगे। चंद्रा उच्च स्तरीय समिति के सचिव भी हैं, वशिष्ठ का विभाग चुनाव के मुद्दे, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम और संबंधित नियमों से संबंधित है।
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पहले जानते हैं सरकार का फैसला क्या है?
इससे पहले शनिवार को एक देश एक चुनाव पर केंद्र सरकार ने आठ सदस्यीय समिति का गठन कर दिया। कानून मंत्रालय ने इसे लेकर एक अधिसूचना भी जारी की। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय हित में देश में एक साथ चुनाव कराना वांछनीय है। ऐसे में भारत सरकार एक साथ चुनाव कराने के मुद्दे की जांच करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन करती है।
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कानून मंत्रालय के मुताबिक, इस समिति का नेतृत्व पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद करेंगे। साथ ही इस कमेटी में गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, गुलाम नबी आजाद, एनके सिंह, सुभाष सी कश्यप, हरीश साल्वे और संजय कोठारी सदस्य के रूप में होंगे। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल आमंत्रित अतिथि के रूप में बैठक में हिस्सा लेंगे। कानूनी मामलों के विभाग के सचिव नितेन चन्द्र उच्च स्तरीय समिति के सचिव के रूप में जिम्मेदारी निभाएंगे।
अधीर पर क्या बोले केसी वेणुगोपाल?
वन नेशन वन इलेक्शन के लिए बनी कमेटी में अधीर रंजन चौधरी के शामिल नहीं होने पर कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि भारत सरकार अदाणी के मुद्दे को भटकाना चाहती है। इसलिए वे ये सब चीजें कर रहे हैं। ये चीजें करते समय वे संसदीय रीति-रिवाजों और परंपराओं को पूरी तरह से नुकसान पहुंचा रहे हैं।
क्या है एक देश एक चुनाव की बहस?
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 के स्वतंत्रता दिवस पर एक देश एक चुनाव का जिक्र किया था। तब से अब तक कई मौकों पर भाजपा की ओर एक देश एक चुनाव की बात की जाती रही है। ये विचार इस पर आधारित है कि देश में लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ हों।
- अभी लोकसभा यानी आम चुनाव और विधानसभा चुनाव पांच साल के अंतराल में होते हैं। इसकी व्यवस्था भारतीय संविधान में की गई है। अलग-अलग राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल अलग-अलग समय पर पूरा होता है, उसी के हिसाब से उस राज्य में विधानसभा चुनाव होते हैं।
- हालांकि, कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ होते हैं। इनमें अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम जैसे राज्य शामिल हैं। वहीं, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मिजोरम जैसे राज्यों के चुनाव आगामी लोकसभा चुनाव से ऐन पहले होंगे।