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PM मोदी के मुकाबले सिद्धारमैया ने संभाला कांग्रेस का मोर्चा मनमोहन और सोनिया भी मैदान में

Tue, 08 May 2018 05:15 AM IST
विनोद अग्निहोत्री, अमर उजाला, बेंगलूरु
विनोद अग्निहोत्री, अमर उजाला, बेंगलूरु Updated Tue, 08 May 2018 05:15 AM IST
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Siddaramaiah handling Congress front against PM Modi in karnataka assembly election

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तूफानी चुनाव प्रचार से कर्नाटक विधानसभा चुनाव खासे दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। भाजपा अब चुनाव को मोदी बनाम राहुल बनाने में जुटी है, जबकि कांग्रेस इसे सिद्धारमैया बनाम येदुयेरप्पा के दायरे से बाहर नहीं निकलने देना चाहती है। इसीलिए आज चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतरे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक तरफ मोदी पर जमकर निशाना साधा तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सिद्दारमैया की जबरदस्त तारीफ करते हुये उन्हें कर्नाटक का सबसे बेहतर मुख्यमंत्री बताया। चुनाव को मोदी बनाम राहुल होने से बचाने के लिए कांग्रेस सोनिया गांधी को भी चुनाव प्रचार में उतार रही।

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जब तक चुनाव प्रचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं उतरे थे, कांग्रेस का सिद्धारमैया कार्ड जमकर चल रहा था, क्योंकि भाजपा के मुख्यमंत्री पद के घोषित उम्मीदवार पूर्व मुख्यमंत्री वीएस येदुयेरप्पा सिद्धारमैया के मुकाबले कमजोर साबित हो रहे थे। सिर्फ लिंगायत समुदाय जो भाजपा का मुख्य जनाधार है, को छोड़कर उनकी अपील कहीं असर नहीं कर रही है, जबकि सिद्धारमैया को किसानों, पिछड़े वर्ग,अल्पसंख्यकों और दलितों के एक बड़े हिस्से समर्थन मिल रहा है। 
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लेकिन नरेंद्र मोदी ने चुनाव प्रचार में उतरते ही सबसे पहले राहुल गांधी को निशाने पर लेकर मुकाबले को मोदी बनाम राहुल बनाने का दांव चल दिया। जवाब में कांग्रेस ने सिद्धारमैया को उतारा और उन्होंने कर्नाटक में अपने कामकाज को लेकर मोदी पर निशाना साधा। लेकिन मोदी ने फिर अगले दिन अपने तीन पी का फार्मूला देकर कांग्रेस के प्रथम परिवार पर हमला किया।
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जवाब फिर सिद्धारमैया की ओर से आया और उन्होंने मोदी के पी पी पी (पंजाब, पुद्देचेरी, परिवार) के मुकाबले पी पी पी ( प्रिजन, प्राइस राईज, पकौड़ा) का फार्मूला दिया। तब मोदी ने सिद्दारमैया सरकार को सीधा रुपैया सरकार कहते हुए मुख्यमंत्री और कर्नाटक सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। 

जवाब में सिद्धारमैया फिर मैदान में आए और उन्होंने मोदी को कर्नाटक के विकास और भ्रष्टाचार के आरोपों पर खुले मंच पर सीधी बहस करने की चुनौती दे दी। अब सोशल मीडिया पर राहुल गांधी के एक भाषण की क्लिप वायरल की गई जिसमें उनकी जबान फिसली और कह डाला कि कर्नाटक में जम कर भ्रष्टाचार हुआ है। जवाब में कांग्रेस प्रवक्ता मीम अफजल ने येदुयेरप्पा को सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री बताने वाले अमित शाह के बयान की याद दिलाई है।

मनमोहन सिंह ने भी पीएम पर जमकर बोला हमला

Siddaramaiah handling Congress front against PM Modi in karnataka assembly election

इसी कड़ी में सोमवार को बेंगलुरु आए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अर्थव्यवस्था, नोटबंदी, आथिर्क प्रबंधन की विफलता, बैंकिंग व्यवस्था से भरोसा टूटने आदि को लेकर मोदी सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोला। अपने स्वभाव और प्रकृति से उलट मनमोहन सिंह ने मोदी पर प्रधानमंत्री पद की गरिमा गिराने का आरोप लगाते हुए यह तक कह डाला कि अपने विरोधियों के खिलाफ प्रधानमंत्री पद और कार्यालय का जितना दुरुपयोग नरेंद्र मोदी ने किया है, उतना भारत के किसी दूसरे प्रधानमंत्री ने नहीं किया। 

मोदी के मुकाबले सिद्धारमैया को खड़ा करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा आथिर्क सामाजिक विकास के हर पैमाने पर कर्नाटक सरकार ने गुजरात में मोदी सरकार के दौरान हुए विकास से कई गुना ज्यादा और बेहतर काम किया है। मनमोहन यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया ने कर्नाटक की जनता को जो प्रगतिशील, विकासवादी और असरदार नेतृत्व दिया है, उसकी मिसाल बहुत कम मिलती है। पूर्व प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार पर बेंगलुरु के विकास में संसाधन उपलब्ध कराने में भेदभाव का आरोप लगाते हुए यह भी कहा कि मोदी सरकार अमेरिका में बेंगलुरू के उन तमाम युवाओं की नौकरियों को सुरक्षा देने में नाकाम रही है, जो आई टी हब बेंगलुरु से पढ़ाई करके वहां गए।

भाजपा इस चुनाव को मोदी के नाम और चेहरे पर जीतना चाहती है, क्योंकि येदुयेरप्पा को लेकर न सिर्फ गैर लिंगायतों बल्कि लिंगायतों तक में असमंजस है। साथ ही राज्य में कोई दूसरा मजबूत और लोकप्रिय चेहरा न होने की वजह से शहरी और युवा मतदाताओं पर मोदी मैजिक का उसे सहारा है। 

मोदी के चुनाव प्रचार से पहले भाजपा के समर्थक वर्ग में उत्साह की कमी साफ दिखाई पड़ रही थी, लेकिन मोदी के चुनाव प्रचार के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और भाजपा के जनाधार में उत्साह बढ़ गया है। इसे लेकर कांग्रेस और जद(एस) दोनों ही खेमों में फिक्र दिख रही है। कांग्रेस इसकी काट के लिए ही चुनाव प्रचार में मनमोहन के बाद सोनिया को भी उतार रही है। राहुल गांधी तो कई दिन से प्रचार में हैं।

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