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सिर्फ कारण बताओ नोटिस पर नहीं कोई कार्रवाई होने पर होगी सुनवाई
Tue, 13 Oct 2020 02:59 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 13 Oct 2020 02:59 AM IST
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Supreme Court
महाराष्ट्र विधानसभा के कारण बताओ नोटिस के खिलाफ पत्रकार अरनब गोस्वामी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा, कोई कार्रवाई होने के बाद ही सुनवाई की जा सकती है। महाराष्ट्र विधानसभा ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में रिपोर्टिंग को लेकर अरनब के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने के लिए कारण बताओ नोटिस दिया है।
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मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की पीठ ने कहा, जहां तक हमें जान पड़ता है इस याचिका पर सुनवाई तभी की जानी चाहिए अगर कारण बताओ नोटिस के लिए सदन की विशेषाधिकार समिति की सिफारिश पर कोई कार्रवाई होती। अरनब को यह नोटिस महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के खिलाफ कुछ टिप्पणियों के लिए जारी किया गया है।
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पीठ ने कहा, कोर्ट को कानून का सम्मान करना होता है। हमारी कानून की समझ के मुताबिक जब समिति कोई कार्रवाई करेगी तभी याचिका पर ध्यान दिया जा सकता है। कारण बताओ नोटिस जारी करने से याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकते। इसके बाद पीठ ने सुनवाई दो हफ्ते के लिए टाल दी।
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गोस्वामी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा, इस मामले में एक रिपोर्ट के मुताबिक अंतिम सुनवाई में जारी नोटिस महाराष्ट्र विधानसभा के सचिव को नहीं दिया गया था।
इस पर पीठ ने कहा, अगर केंद्र सरकार को वादी नहीं बनाया गया है तो सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता कैसे इस मामले की पैरवी कर रहे हैं। जवाब में साल्वे ने पीठ को बताया कि केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी हुआ है।
इस पर पीठ ने साल्वे को हलफनामा दाखिल करने को कहा जिसमें स्पष्ट किया जाए कि जारी किया गया नोटिस मामले में प्रतिवादी (महाराष्ट्र विधानसभा सचिव) को नहीं दिया गया है।
सीजेआई ने कहा, मुझे इसका थोड़ा अनुभव है क्योंकि मेरे पिता अरविंद श्रीनिवास बोबडे और जाने माने कानूनविद दिवंगत नानी पालकीवाला को भी एक बार ऐसा ही नोटिस महाराष्ट्र विधानसभा की ओर से भेजा गया था।