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Hindi News ›   India News ›   Shiv Sena leader Uddhav Thackeray meet Nationalist Congress Party chief Sharad Pawar at at his Mumbai home

Mumbai: उद्धव ठाकरे ने शरद पवार से की मुलाकात, एनसीपी अध्यक्ष बोले- राजनीति में शिष्टाचार का हुआ पतन

Wed, 12 Apr 2023 01:24 AM IST
वीरेंद्र शर्मा पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Wed, 12 Apr 2023 01:24 AM IST
सार

उद्धव ठाकरे और शरद पवार की मुलाकात ऐसे समय में हुई जब हाल ही में शरद पवार ने अडाणी समूह के खिलाफ लगे आरोपों की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की जगह उच्चतम न्यायालय की एक समिति द्वारा जांच कराए जाने का समर्थन किया था। 

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Shiv Sena leader Uddhav Thackeray meet  Nationalist Congress Party chief Sharad Pawar at at his Mumbai home
शरद पवार और उद्धव ठाकरे - फोटो : पीटीआई

विस्तार

शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार से उनके आवास पर मुलाकात की। दक्षिण मुंबई के सिल्वर ओक में शरद पवार के आवास पर हुई मुलाकात के दौरान शिवसेना सांसद संजय राउत भी मौजूद रहे। 
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उद्धव ठाकरे और शरद पवार की मुलाकात ऐसे समय में हुई जब हाल ही में शरद पवार ने अडाणी समूह के खिलाफ लगे आरोपों की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की जगह उच्चतम न्यायालय की एक समिति द्वारा जांच कराए जाने का समर्थन किया था। मुलाकात से पहले पवार ने कहा, राकांपा संयुक्त संसदीय समिति की जांच के लिए भाजपा विरोधी दलों की मांग से सहमत नहीं है, लेकिन विपक्षी एकता के लिए यह उनके रुख के खिलाफ नहीं जाएगी। पवार ने कहा था कि अगर जेपीसी का गठन होता है तो लोकसभा और राज्यसभा में भाजपा की संख्या को देखते हुए, सत्ता पक्ष के पैनल में 14-15 सदस्य होंगे, जबकि विपक्ष के पास पांच से छह सांसद होंगे।
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राजनीति में शिष्टाचार का हुआ पतन: शरद पवार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने कहा कि राजनीति में शिष्टाचार का पतन हो गया है। आज जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जाता है वह पहले कभी नहीं सुनी थी। मंगलवार को शरद पवार जब्बार पटेल द्वारा निर्देशित 1979 की प्रशंसित मराठी फिल्म सिंहासन की स्मृति में एक चर्चा में बोल रहे थे। यह फिल्म 1970 के दशक में महाराष्ट्र की राजनीति के इर्द-गिर्द घूमती है। पवार ने कहा, राजनीति ने आज अपना सभ्य स्वर खो दिया है। अब जिस अतिवादी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, वह अतीत में कभी भी राजनीतिक विमर्श का हिस्सा नहीं थी। उन्होंने कहा कि, उन दिनों की राजनीति अधिक सभ्य थी। यह फिल्म तब बनी थी जब पवार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे और उन्होंने पटेल को मंत्रालय के साथ-साथ तत्कालीन मंत्रियों,  विधायकों के कार्यालयों और बंगलों के अंदर शूटिंग करने की अनुमति दी थी।
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