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Indian Navy: भारतीय नौसेना के बेड़े शामिल हुआ जहाज समर्थक, समुद्र में बढ़ेगी भारत की युद्ध क्षमता

Mon, 14 Oct 2024 04:03 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Mon, 14 Oct 2024 04:03 PM IST
सार

नौसेना प्रमुख ने कहा कि हाल ही में सुरक्षा कैबिनेट समिति ने 31 प्रीडेटर ड्रोन को मंजूरी है। इसमें 16 ड्रोन का उपयोग भूमि पर और 15 ड्रोन का उपयोग नौसेना में किया जाएगा। ये हमारे क्षेत्र की निगरानी में रखने में हमारी काफी मदद करेंगे।

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Ship Samarthak joins the Indian Naval Fleet, India's combat capability at sea will increase
समर्थक जहाज - फोटो : ANI/वीडियो ग्रैब

विस्तार

भारतीय नौसेना बेड़े में सोमवार को एक नया जहाज समर्थक शामिल हुआ। इसे लेकर नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि समर्थक एक बहुउद्देश्यीय जहाज है। यह समुद्र में भारत की युद्ध क्षमता को बढ़ाएगा। उन्होंने बताया कि कट्टुपल्ली के एलएंडटी शिप यार्ड में कमीशनिंग के बाद इसका नाम समर्थक रखा गया। 

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उन्होंने कहा कि नाम के मुताबिक बहुउद्देश्यीय समर्थक जहाज हमारे लड़ाकों को लचीलापन, गतिशीलता प्रदान करेगा। ताकि वे क्षेत्र में शिष्टता, शक्ति और पहुंच का प्रदर्शन कर सकें। समर्थक जहाज 3600 टन का है। इसका उपयोग बड़ी संख्या में उन स्वदेशी हथियारों, उपरकणों और सेंसरों के लिए भी किया जाएगा, जिनका हमारे अग्रिम पंक्ति के लड़ाके प्रयोग करते हैं।
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उन्होंने बताया जहाज का उपयोग उन लक्ष्यों के लिए भी किया जाएगा, जो सतह और उप सतह दोनों पर होंगे। इसके अलावा समर्थक जहाज एक ऐसे प्लेटफार्म और मदरशिप के रूप में काम करेंगे, जो मानव रहित और चालक रहित होते हैं। इसलिए इसका बहुउद्देश्यीय उपयोग है। समुद्र में जहाज जो कुछ भी कर सकते हैं, समर्थक भी वह सब करने में सक्षम हैं। यह भारतीय नौसेना के शस्त्रागार में एक बड़ी क्षमता वृद्धि है।
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नौसेना प्रमुख ने कहा कि हाल ही में सुरक्षा कैबिनेट समिति ने 31 प्रीडेटर ड्रोन को मंजूरी है। इसमें 16 ड्रोन का उपयोग भूमि पर और 15 ड्रोन का उपयोग नौसेना में किया जाएगा। ये बहुत सक्षम प्लेटफॉर्म हैं। इसलिए वे हमारे क्षेत्र की निगरानी में रखने में हमारी काफी मदद करेंगे ताकि हम जान सकें कि कौन क्या कर रहा है और क्यों कर रहा है? उन्होंने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह किसी भी नौसेना कार्रवाई के लिए शुरुआती बिंदु है और हम यह सुनिश्चित करना चाहेंगे कि समग्र समुद्री सुरक्षा के हिस्से के रूप में भारतीय नौसेना को इस बात की पूरी जानकारी हो कि हमारे हित के क्षेत्र में क्या हो रहा है?

उन्होंने कहा कि जब हमने कुछ महीने पहले एमवी रुएन को पकड़ा था और 17 क्रू सदस्यों को बचाया था। इसके अलावा 35 समुद्री डाकुओं को पकड़ा था। यह उसी ड्रोन से संभव हुआ था। पट्टे पर मिले ड्रोन का उपयोग उस जहाज की निगरानी और ट्रैक करने के लिए बहुत बड़े पैमाने पर किया गया था। ड्रोन की बदौलत ही हम अपने सैनिकों के साथ तट से लगभग 2,000 किलोमीटर दूर कार्रवाई कर सके।

नौसेना प्रमुख ने कहा कि 1999 में सरकार ने 30 साल की पनडुब्बी निर्माण योजना को मंजूरी दी थी। हम उसी के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले वर्षों में पी-75 परियोजना पूरी होने के बाद छह पनडुब्बियां इस साल हमें मिल जाएंगीं। इसके बाद हम आगे बढ़ेंगे और अन्य प्लेटफार्मों का अधिग्रहण करेंगे चाहे वह पी-75 भारत हो या पी-76 और सरकार बड़ी संख्या पनडुब्बियों की हमारी वांछित ताकत का समर्थन कर रही है। जो कम से कम 18 पनडुब्बियां हैं। यह जल्द पूरी हो जाएंगी।


25 मार्च 2022 को हुआ था समझौता
समर्थक जहाज को NWWA के अध्यक्ष शशि त्रिपाठी द्वारा लॉन्च किया गया। समारोह की अध्यक्षता नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने की। बताया जाता है कि रक्षा मंत्रालय और एलएंडटी शिपयार्ड के बीच 25 मार्च 2022 को दो बहुउद्देश्यीय जहाज बनाने के लिए अनुबंध हुआ था। ये बहुउद्देश्यीय जहाज अन्य जहाजों को खींचने, लॉन्च करने और विभिन्न लक्ष्यों को पुनर्प्राप्त करने, बिना पेंच वाले वाहनों को संचालित करने और विभिन्न स्वदेशी हथियारों और सेंसरों के लिए एक परीक्षण मंच के रूप में कार्य करने में सक्षम होंगे। बहुउद्देश्यीय जहाज 15 समुद्री मील की अधिकतम गति प्राप्त कर सकते हैं और 106 मीटर लंबे और 16.8 चौड़े हैं।

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