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थरूर का आरोप: अधिकारियों को दिया गया था आईटी समिति की बैठक में न शामिल होने का निर्देश

Sun, 08 Aug 2021 06:19 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sun, 08 Aug 2021 06:19 PM IST
सार

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पर संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष शशि थरूर ने रविवार को कहा कि 28 जुलाई को समिति की पिछली बैठक में भाजपा सदस्यों ने व्यवधान डाला था क्योंकि वह पेगासस से संबंधित आरोपों पर चर्चा नहीं चाहते थे और जिन अधिकारियों को गवाही देनी थी, ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें उपस्थित न होने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे चलकर जासूसी का मामला समिति की ओर से उठाया जाएगा।

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Shashi Tharoor says IT panel will take up Pegasus issue officials may have been instructed to skip last meet news in Hindi
शशि थरूर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

शशि थरूर ने संसद में गतिरोध के लिए भी भाजपा को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि भगवा दल ने अपने हितों के लिए लोकतंत्र के मंदिर को एक रबर स्टांप बनाकर रख दिया है। समाचार एजेंसी पीटीआई के साथ साक्षात्कार में शशि थरूर ने कहा कि भाजपा ने संसद को एक नोटिस बोर्ड की तरह बना दिया है जिसका इस्तेमाल वह अपने एकतरफा फैसलों की घोषणा करने के लिए कर रही है। इसके साथ ही कांग्रेस सांसद थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। 

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प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान पर कि विपक्ष संसद का अपमान कर रहा है, कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के मुद्दे (पेगासस जासूसी मामा) पर कोई भी जवाब देने से इनकार कर दिया है, यह लोकतंत्र का और उन सामान्य भारतीय नागरिकों का अपमान है, जिनका प्रतिनिधित्व करने का दावा यह सरकार करती है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने कहा कि चर्चा और जिम्मेदारी संसद का असली अपमान है।
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इस सवाल पर कि क्या संसदीय समिति आगे जाकर पेगासस जासूसी का मुद्दा उठा पाएगी, थरूर ने कहा कि दो साल से समिति नागरिकों के डाटा की निजता व सुरक्षा और साइबर सुरक्षा पर विचार-विमर्श कर रही है। यह मुद्दा समिति के पूर्व अध्यक्ष अनुराग ठाकुर के एजेंडा में भी शामिल था। उन्होंने कहा, ऐसे में पेगासस जासूसी का मुद्दा स्पष्ट रूप से आईटी समिति के दायरे में आता है और इसलिए यह उम्मीद की जाती है कि जब ये विषय उठेंगे तो इसके सदस्य इसके बारे में सवाल पूछेंगे।
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बता दें कि 28 जुलाई को आईटी समिति की बैठक होनी थी। इसमें पेगासस जासूसी समेत कई मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद थी। इस बैठक के लिए ‘नागरिक डाटा सुरक्षा और निजता’ विषय पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय, गृह मंत्रालय और दूरसंचार विभाग के अधिकारियों को भी तलब किया गया था। लेकिन समिति के संसदीय सदस्यों ने बैठक कक्ष में मौजूद होने के बाद भी उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर नहीं किए जिससे कोरम (संख्या बल) पूरा नहीं हुआ और बैठक नहीं हो पाई।

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