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Assam: CM सरमा बोले- असम पुलिस ने वापस बांग्लादेश भेजे 33 नए घुसपैठिए, आने वाले दिनों में और तेज होगी कार्रवाई
Sat, 30 Aug 2025 12:21 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 30 Aug 2025 12:21 PM IST
सार
Assam: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि पुलिस ने 33 नए अवैध घुसपैठियों को बांग्लादेश वापस भेजा है। उन्होंने यह भी कहा कि बेदखली अभियान जारी रहेगा। कुछ लोग असम में आकर भाजपा का विरोध कर रहे हैं, लेकिन भाजपा बहुत मजबूत है। सरमा ने कहा कि आगे एनआरसी को लेकर कदम उठाए जाएंगे।
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हिमंत बिस्व सरमा, सीएम, असम
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को बताया कि राज्य की पुलिस ने 33 नए घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश भेज दिया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 33 नए घुसपैठियों को वापस वहां भेज दिया गया है, जहां से उनका असल में संबंध है- बांग्लादेश। सरमा ने आगे चेतावनी भी दी, 'सावधान रहिए: हमारी सख्त कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में यह और तेज होगी।'
हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि इन लोगों को किस क्षेत्र से वापस भेजा गया, लेकिन ज्यादातर घुसपैठियों को श्रीभूमि जिले से सटी भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते ही भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने तंज करते हुए लिखा, अब अवैध घुसपैठियों की सूची में नया गाना बज रहा है- असम पुलिस, मुझे घर ले चलो, वहां जहां का मैं रहने वाला हूं।
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इससे पहले इसी हफ्ते सरमा ने कहा था कि पुलिस हर हफ्ते 70 से 100 घुसपैठियों को बांग्लादेश वापस भेज रही है। पिछले कुछ महीनों में 450 से ज्यादा संदिग्ध अवैध घुसपैठियों को वापस भेजा जा चुका है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य सरकार असम को घुसपैठियों से मुक्त करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
उत्तर-पूर्व में 1,885 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर पिछले साल बांग्लादेश में अशांति शुरू होने के बाद से बीएसएफ ने निगरानी और कड़ी कर दी है। एक अधिकारी ने बताया कि असम पुलिस भी भारत-बांग्लादेश सीमा पर हाई अलर्ट पर है, ताकि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से राज्य में प्रवेश न कर सके। जिनके पास वैध नागरिकता दस्तावेज नहीं होंगे, उन्हें तुरंत वापस भेजा जाएगा।
बेदखली अभियान जारी रहेगा: मुख्यमंत्री सरमा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मदनी जैसे लोग हमेशा भाजपा का विरोध करेंगे, इसमें कोई शक नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 से 30 दिनों में कई तरह के लोग असम में लगातार आ रहे हैं- चाहे वह हर्ष मंदर हों या वह महिला, जिन्होंने कहा था कि बांग्लादेशियों को असम में शरण दी जानी चाहिए या वे लोग जो शाहीन बाग आंदोलन से जुड़े रहे हैं। सरमा ने कहा कि ऐसे कार्यकर्ता अब असम का लगातार दौरा कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें: बहू को दहेज के लिए परेशान किए जाने की बात हवा से भी तेज फैलती है, अदालत ने सास को किया बरी
उन्होंने कहा कि भाजपा बहुत मजबूत है, इसलिए ऐसे लोग असम में कुछ भी हासिल नहीं कर पाएंगे, लेकिन वे कोशिश जरूर करेंगे। उन्होंने कहा, हमारा अगला कदम एनआरसी को लेकर होगा। बेदखली अभियान जारी रहेगा। हमारी एक लंबी योजना है, जिसे हम आगे बढ़ाते रहेंगे। सरमा ने यह भी कहा, हमारी योजना उस विचारों के खिलाफ है जो मदनी जैसे लोगों के साथ जुड़े हुए हैं। असम को एक कट्टरपंथी इस्लामी राज्य में बदलने के जो विचार हैं, हम उनके खिलाफ काम करते रहेंगे।
सांसद महुआ मोइत्रा के बयान पर दी प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा की ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए बयान पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा, मुझे नहीं लगता कि मुख्यमंत्री के तौर पर मुझे हर बयान पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए, खासकर कुछ खास लोगों के बयानों पर। यह देश के लिए किसी तरह से फायदेमंद नहीं है। उन्होंने कहा, मैंने वह वीडियो देखा। वह वीडियो ही उनके मानसिक स्तर का जवाब है। उस पर कुछ कहने का कोई फायदा नहीं है।
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हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि इन लोगों को किस क्षेत्र से वापस भेजा गया, लेकिन ज्यादातर घुसपैठियों को श्रीभूमि जिले से सटी भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते ही भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने तंज करते हुए लिखा, अब अवैध घुसपैठियों की सूची में नया गाना बज रहा है- असम पुलिस, मुझे घर ले चलो, वहां जहां का मैं रहने वाला हूं।
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इससे पहले इसी हफ्ते सरमा ने कहा था कि पुलिस हर हफ्ते 70 से 100 घुसपैठियों को बांग्लादेश वापस भेज रही है। पिछले कुछ महीनों में 450 से ज्यादा संदिग्ध अवैध घुसपैठियों को वापस भेजा जा चुका है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य सरकार असम को घुसपैठियों से मुक्त करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
उत्तर-पूर्व में 1,885 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर पिछले साल बांग्लादेश में अशांति शुरू होने के बाद से बीएसएफ ने निगरानी और कड़ी कर दी है। एक अधिकारी ने बताया कि असम पुलिस भी भारत-बांग्लादेश सीमा पर हाई अलर्ट पर है, ताकि कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से राज्य में प्रवेश न कर सके। जिनके पास वैध नागरिकता दस्तावेज नहीं होंगे, उन्हें तुरंत वापस भेजा जाएगा।
बेदखली अभियान जारी रहेगा: मुख्यमंत्री सरमा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मदनी जैसे लोग हमेशा भाजपा का विरोध करेंगे, इसमें कोई शक नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 से 30 दिनों में कई तरह के लोग असम में लगातार आ रहे हैं- चाहे वह हर्ष मंदर हों या वह महिला, जिन्होंने कहा था कि बांग्लादेशियों को असम में शरण दी जानी चाहिए या वे लोग जो शाहीन बाग आंदोलन से जुड़े रहे हैं। सरमा ने कहा कि ऐसे कार्यकर्ता अब असम का लगातार दौरा कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि भाजपा बहुत मजबूत है, इसलिए ऐसे लोग असम में कुछ भी हासिल नहीं कर पाएंगे, लेकिन वे कोशिश जरूर करेंगे। उन्होंने कहा, हमारा अगला कदम एनआरसी को लेकर होगा। बेदखली अभियान जारी रहेगा। हमारी एक लंबी योजना है, जिसे हम आगे बढ़ाते रहेंगे। सरमा ने यह भी कहा, हमारी योजना उस विचारों के खिलाफ है जो मदनी जैसे लोगों के साथ जुड़े हुए हैं। असम को एक कट्टरपंथी इस्लामी राज्य में बदलने के जो विचार हैं, हम उनके खिलाफ काम करते रहेंगे।
सांसद महुआ मोइत्रा के बयान पर दी प्रतिक्रिया
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा की ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए बयान पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा, मुझे नहीं लगता कि मुख्यमंत्री के तौर पर मुझे हर बयान पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए, खासकर कुछ खास लोगों के बयानों पर। यह देश के लिए किसी तरह से फायदेमंद नहीं है। उन्होंने कहा, मैंने वह वीडियो देखा। वह वीडियो ही उनके मानसिक स्तर का जवाब है। उस पर कुछ कहने का कोई फायदा नहीं है।
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