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नगालैंड: अफ्स्पा हटाने पर फैसले के लिए सात सदस्यीय समिति गठित, तीन माह में सौंपेगी रिपोर्ट

Wed, 29 Dec 2021 03:20 AM IST
ओम. प्रकाश एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: ओम. प्रकाश Updated Wed, 29 Dec 2021 03:20 AM IST
सार

गृहमंत्रालय में अतिरिक्त सचिव पीयूष गोयल इस समिति में सदस्य सचिव होंगे जबकि सैन्य परिचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे।

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Seven member committee constituted for decision on removal of AFSPA from Nagaland will submit report in three months
अफस्पा कानून सेना को विशेष शक्तियां देता है। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्र सरकार ने नगालैंड से सशस्त्र बल विशेष शक्ति अधिनियम, 1958 (अफ्स्पा) कानून हटाने पर फैसला लेने के लिए सात सदस्यीय समिति गठित कर दी है। यह समिति तीन महीने में अपनी रिपोर्ट गृहमंत्रालय को सौंपेगी। भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त डॉ विवेक जोशी इस समिति के अध्यक्ष हैं, जबकि नगालैंड के मुख्य सचिव जे. आलम समिति के अन्य सदस्यों में शामिल हैं।

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गृहमंत्रालय में पूर्वोत्तर भारत संभाग ने 26 दिसंबर को आदेश जारी कर बताया कि इस समिति में असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल पीसी नायर, नगालैंड पुलिस महानिदेशक टी जॉन लॉगकुमार, आईबी के संयुक्त निदेशक डॉ एमएस तुलसी भी अन्य सदस्यों के साथ शामिल हैं। गृहमंत्रालय में अतिरिक्त सचिव पीयूष गोयल इस समिति में सदस्य सचिव होंगे जबकि सैन्य परिचालन महानिदेशक (डीजीएमओ) लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य होंगे। गृहमंत्रालय के मुताबिक समिति को नगालैंड में अफस्पा लागू करने की जरूरतों की समीक्षा करेगी और तीन महीनों के भीतर उपयुक्त सिफारिशें देगी। 
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नगालैंड के सोम जिले में 5 दिसंबर को ओटिंग गांव में हुई गोलीबारी में 14 नागरिकों के मारे जाने के बाद अफ्स्पा अफ्स्पा को वापस लेने की मांग ने जोर पकड़ा था। पूर्व मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग ने भी अफ्स्पा को निरस्त करने का आह्वान करते हुए कहा था कि यह केवल दर्द और पीड़ा लेकर आया है। सूत्रों के मुताबिक सेना ने इस मामले में कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया है। जांच में दोषी पाये जाने वाले सैन्य अफसरों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी

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