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1 जून से पड़ेगी ज्यादा टैक्स की मार, ग्राहकों की जेब ज्यादा होगी ढीली
टीम डीजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 31 May 2016 02:07 PM IST
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सेस के लागू हो जाने से बाहर होटल में खाना, इंटरनेट, यात्रा आदि सभी सेवाएं महंगी 1 जून से महंगी हो जाएंगी
- फोटो : PTI
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बुधवार, 1 जून से सरकार कृषि कल्याण सेस लागू करने जा रही है। इस सेस के लागू हो जाने से बाहर होटल में खाना, इंटरनेट, यात्रा आदि सभी सेवाएं महंगी 1 जून से महंगी हो जाएंगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बार के बजट में कर दायरे में आने वाली सभी सेवाओं पर 0.5% कृषि कल्याण सेस का प्रस्ताव रखा था। इससे अब सर्विस टैक्स 14.5% से बढ़कर 15% हो जाएगा।
अपने पिछले बजट में अरुण जेटली ने सर्विस टैक्स को 12.36% से बढ़ाकर 14% कर दिया था, जो कि 1 जून 2015 से लागू हुआ था। इसके बाद सरकार ने फिर 15 नवंबर को सभी सेवाओं पर 0.5% स्वच्छ भारत सेस लागू कर दिया। इससे सर्विस टैक्स 14.5% हो गया था। इन सबसे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सरकार सर्विस टैक्स की दर को धीरे-धीरे बढ़ाकर गुड्स एण्ड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के प्रस्तावित दर 17-18% के पास ले जाना चाहती है।
सरकार के इस कदम से मोबाइल बिल, डीटीएच, बिजली-पानी के बिल, रेस्टॉरेंट में खाना, रेल-हवाई टिकट, बैंकिंग, बीमा आदि सेवाएं महंगी हो जाएंगी। सरकार इस कृषि कल्याण सेस के जरिए कृषि और किसानों की योजनाओं के लिए पैसे जुटाना चाहती है।
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पिछले चार वर्षों में सर्विस टैक्स वसूली में 25 प्रतिशत सालाना की दर से इजाफा हुआ है। वित्तीय वर्ष 2015-16 में 2.1 लाख करोड़ रुपये सर्विस टैक्स के रुप में वसूल होने का अनुमान है।
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अपने पिछले बजट में अरुण जेटली ने सर्विस टैक्स को 12.36% से बढ़ाकर 14% कर दिया था, जो कि 1 जून 2015 से लागू हुआ था। इसके बाद सरकार ने फिर 15 नवंबर को सभी सेवाओं पर 0.5% स्वच्छ भारत सेस लागू कर दिया। इससे सर्विस टैक्स 14.5% हो गया था। इन सबसे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सरकार सर्विस टैक्स की दर को धीरे-धीरे बढ़ाकर गुड्स एण्ड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के प्रस्तावित दर 17-18% के पास ले जाना चाहती है।
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सरकार के इस कदम से मोबाइल बिल, डीटीएच, बिजली-पानी के बिल, रेस्टॉरेंट में खाना, रेल-हवाई टिकट, बैंकिंग, बीमा आदि सेवाएं महंगी हो जाएंगी। सरकार इस कृषि कल्याण सेस के जरिए कृषि और किसानों की योजनाओं के लिए पैसे जुटाना चाहती है।
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पिछले चार वर्षों में सर्विस टैक्स वसूली में 25 प्रतिशत सालाना की दर से इजाफा हुआ है। वित्तीय वर्ष 2015-16 में 2.1 लाख करोड़ रुपये सर्विस टैक्स के रुप में वसूल होने का अनुमान है।