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जम्मू-कश्मीर : यासीन मलिक हिरासत में, हुर्रियत के अध्यक्ष मीरवाइज नजरबंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू कश्मीर
Updated Thu, 21 Jun 2018 02:23 PM IST
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यासीन मलिक
कश्मीर को भारत और पाकिस्तान से अलग करने की वकालत करने वाले जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष और अलगाववादी नेता यासीन मलिक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वहीं हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नरम धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को नजरबंद कर दिया गया ताकि अलगाववादी विरोध प्रदर्शन की अगुवाई नहीं कर सकें। राज्य में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद अलगाववादियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। गृह मंत्रालय के आंकड़ों की मानें तो रमजान के दौरान संघर्ष विराम लागू होने के बावजूद आतंकी घटनाओं में 265 फीसदी का इजाफा हुआ है।
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जेकेएलएफ के प्रवक्ता ने कहा कि मलिक ने घाटी में मारे गए निर्दोष लोगों की हत्या के खिलाफ आह्वान किया था। मगर पुलिस नहीं चाहती कि वह इस धरने का नेतृत्व करें। आम नागरिकों की कथित तौर पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में मौत और वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की हत्या के विरोध में, अलगाववादियों ने जॉइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) के बैनर तले आज हड़ताल करने की मंगलवार को घोषणा की थी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मलिक को आज सुबह उनके मैसूमा स्थित आवास से हिरासत में लिया गया। उन्हें कोठीबाग स्थित पुलिस थाने में रखा गया है। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी नजरबंद हैं।
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सूत्रों के अनुसार आतंकी घटनाओं के पीछे कट्टरपंथी ताकतों के हाथ होने को एक बड़ी वजह माना जा रहा है। भाजपा महासचिव राम माधव ने पीडीपी से समर्थन वापस लेने की घोषणा करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात का जिक्र किया था। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और अलगाववादी नेताओं पर कार्रवाई करते हुए या तो उन्हें नजरबंद कर दिया जाएगा या फिर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
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बता दें कि 28 जून से अमरनाथ यात्रा शुरू हो रही है। ऐसे में किसी भी आतंकी हमलों की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबलों को सतर्क किया जा चुका है। सेना को भी उम्मीद है कि स्थानीय नेताओं का दबाव खत्म होने से स्थानीय पुलिस ज्यादा सक्रियता के साथ आतंकवाद विरोधी गतिविधियों में सेना का साथ दे सकेंगे। घाटी में ज्यपाल शासन लागू होने से पुलिस बिना किसी राजनीतिक प्रभाव के अब बेहतर स्थिति में है।