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हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार कृष्ण बलदेव वैद का 92 साल की उम्र में निधन
Thu, 06 Feb 2020 10:40 PM IST
अमित कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित कुमार
Updated Thu, 06 Feb 2020 10:40 PM IST
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Krishna Baldev Vaid
- फोटो : Social Media
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हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार कृष्ण बलदेव वैद का गुरुवार को 92 साल की उम्र में निधन हो गया। अमेरिका के न्यूयार्क में उन्होंने अंतिम सांस ली। दिल्ली निवासी कृष्ण बलदेव काफी समय से अमेरिका में अपनी बेटियों के साथ रह रहे थे।
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उन्हें 'दूसरे किनारे के', जैसी कालजयी रचना के लिए जाना जाता है। वैद की लेखनी में मनुष्य जीवन के नाटकीय सन्दर्भों की गहरी पहचान है। वर्ष 1927 में पंजाब के दिंगा में जन्मे वैद ने अंग्रेजी से स्नातकोत्तर और हार्वर्ड विश्वविद्यालय से पीएचडी की। उनके साहित्य में साठ के दशक की चिंताएं गहरी होकर उभरी हैं। बिमल उर्फ जाएं तो जाएं कहां, काला कोलाज, एक नौकरानी की डायरी, नर नारी, माया लोक, जैसे उपन्यासों से उन्होंने हिंदी साहित्य में अपनी एक अलग ही पहचान बनाई। साहित्य अकादमी सम्मान पा चुके वैद की रचनाओं का कई विदेशी भाषाओं में अनुवाद भी हुआ है।
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