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गोवा में 2.31 करोड़ नकद, शराब और मादक पदार्थ जब्त
Sat, 20 Apr 2019 03:32 AM IST
Avdhesh Kumar
एजेंसी, पणजी
एजेंसी, पणजी
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 20 Apr 2019 03:32 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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मुख्य चुनाव अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि गोवा में 2.31 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। हालांकि यह रकम कहां से मिली इसकी जानकारी नहीं दी। साथ ही 28.16 लाख रुपये की शराब और 31 लाख रुपये का मादक पदार्थ भी जब्त किया गया। इस तरह राज्य में बुधवार को 2.81 करोड़ रुपये की नकदी, शराब और मादक पदार्थ जब्त किया गया। 10 मार्च को आचार संहिता के
अमल में आने के बाद से राज्य में 8.46 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती की जा चुकी है। राज्य की दो लोकसभा सीटों और तीन विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव 23 अप्रैल को होना है।
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अमल में आने के बाद से राज्य में 8.46 करोड़ रुपये से अधिक की जब्ती की जा चुकी है। राज्य की दो लोकसभा सीटों और तीन विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव 23 अप्रैल को होना है।
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किस्सा गोई
जब मक्खन वाले ने आंबेडकर को हराया
लोकसभा चुनाव 1952 में संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को एक मक्खन वाले ने हरा दिया था। किस्सा कुछ ऐसा है कि कई मामलों में कांग्रेस के अड़ियल रुख के चलते आंबेडकर ने सितंबर 1951 में विधि एवं न्याय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसी दौरान चुनाव आ गए तो आजादी के दौरान1942 में बनाई शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन को सक्रिय कर आंबेडकर चुनाव में उतर पड़े। कुल 35 उम्मीदवार खड़े किए। खुद बॉम्बे उत्तर की सीट से चुनाव लड़े।
कांग्रेस ने उनके मुकाबले दूध कारोबारी सदोबा नारायण काजोलकर को उतारा। जवाहरलाल नेहरू ने उनके लिए सभाएं करवाईं। काजरोलकर ने मराठी में ‘कुथे तोघटनाकर आंबेडकर, आनी कुथे हा लोनिविक्या काजरोलकर’ यानी ‘कहां संविधान निर्माता आंबेडकर और कहां ये मक्खन बेचने वाला काजरोलकर’ जैसे जुमले चलाए। इस चुनाव में आंबेडकर 15 हजार वोट से हारे। काजरोलकर को 1,38,137 तथा आंबडेकर को 1,23,576 वोट। इसे तब की सबसे अप्रत्याशित हार मानी गई।
लोकसभा चुनाव 1952 में संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर को एक मक्खन वाले ने हरा दिया था। किस्सा कुछ ऐसा है कि कई मामलों में कांग्रेस के अड़ियल रुख के चलते आंबेडकर ने सितंबर 1951 में विधि एवं न्याय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसी दौरान चुनाव आ गए तो आजादी के दौरान1942 में बनाई शेड्यूल्ड कास्ट फेडरेशन को सक्रिय कर आंबेडकर चुनाव में उतर पड़े। कुल 35 उम्मीदवार खड़े किए। खुद बॉम्बे उत्तर की सीट से चुनाव लड़े।
कांग्रेस ने उनके मुकाबले दूध कारोबारी सदोबा नारायण काजोलकर को उतारा। जवाहरलाल नेहरू ने उनके लिए सभाएं करवाईं। काजरोलकर ने मराठी में ‘कुथे तोघटनाकर आंबेडकर, आनी कुथे हा लोनिविक्या काजरोलकर’ यानी ‘कहां संविधान निर्माता आंबेडकर और कहां ये मक्खन बेचने वाला काजरोलकर’ जैसे जुमले चलाए। इस चुनाव में आंबेडकर 15 हजार वोट से हारे। काजरोलकर को 1,38,137 तथा आंबडेकर को 1,23,576 वोट। इसे तब की सबसे अप्रत्याशित हार मानी गई।