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अध्ययन: तेज दिमाग पैदाइशी उपहार नहीं; वैज्ञानिकों का दावा- सही डाइट से दिमाग की सेहत और क्षमता दोनों बढ़ती है
Thu, 06 Nov 2025 04:29 AM IST
लव गौर
अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क
Published by: लव गौर
Updated Thu, 06 Nov 2025 04:29 AM IST
सार
न्यूरोसाइंस विशेषज्ञों की ताजा वैज्ञानिक रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि ब्रेन फूड महज कहावत नहीं बल्कि सिद्ध सच्चाई है। शोध में पाया गया है कि कुछ विशेष खाद्य पदार्थ मस्तिष्क के निर्माण, उसकी याददाश्त, सीखने की क्षमता और उम्र के साथ उसकी गिरावट को धीमा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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दिमाग के लिए भी खास भोजन जरूरी (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Freepik.com
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विस्तार
हड्डियों के लिए दूध और आंखों के लिए गाजर की सलाह आपने सुनी होगी, लेकिन अब वैज्ञानिकों और पोषण विशेषज्ञों ने साफ कर दिया है कि दिमाग के लिए भी खास भोजन जरूरी है। नेशनल जिओग्राफिक की प्रीमियम साइंस रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ खाद्य पदार्थ सीधे मस्तिष्क के विकास, याददाश्त, ध्यान और उम्र के साथ संज्ञानात्मक क्षमता (कॉग्निशन) को मजबूत रखते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक ब्रेन फूड कोई मिथक नहीं रह गया। यह विज्ञान द्वारा प्रमाणित वास्तविकता है।
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रिपोर्ट के अनुसार यह धारणा लंबे समय तक बहस का विषय रही कि भोजन सीधे दिमाग की कार्य क्षमता को प्रभावित करता है या नहीं। अब शीर्ष न्यूरोसाइंस विशेषज्ञों की ताजा वैज्ञानिक रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि ब्रेन फूड महज कहावत नहीं बल्कि सिद्ध सच्चाई है। शोध में पाया गया है कि कुछ विशेष खाद्य पदार्थ मस्तिष्क के निर्माण, उसकी याददाश्त, सीखने की क्षमता और उम्र के साथ उसकी गिरावट को धीमा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मानव मस्तिष्क शरीर के कुल वजन का केवल लगभग 2% हिस्सा है, लेकिन यह शरीर की ऊर्जा का करीब 20% तक उपयोग कर लेता है। यही कारण है कि सामान्य खान-पान से ऊपर जाकर दिमाग को ऐसे पोषक तत्वों की आवश्यकता पड़ती है जो न्यूरॉन की संरचना मजबूत रखें और दिमागी थकान व तनाव को कम करें।
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भारतीय थाली में पहले से मौजूद है ब्रेन-फूड
रिपोर्ट कहती है कि भारतीय भोजन में कई ऐसे तत्व स्वाभाविक रूप से शामिल हैं जिनकी सिफारिश आधुनिक विज्ञान कर रहा है। सरसों और पालक जैसे हरे साग, तिल और अलसी, मूंगफली, दही-छाछ, बादाम-अखरोट और रोहु जैसी देसी मछलियां दिमाग को शक्ति देती हैं। आयुर्वेद भी घी, बादाम और तिल को मानसिक शक्ति और स्मृति बढ़ाने वाला बताता है। हां, आधुनिक पोषण विशेषज्ञ संयमित मात्रा की सलाह देते हैं, ताकि कैलोरी ओवरलोड न हो।
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इनसे होता है दिमाग सेहतमंद
वैज्ञानिकों के अनुसार ओमेगा-थ्री फैटी एसिड, विटामिन के, फोलेट, कोलीन और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर खाद्य पदार्थ दिमाग के लिए सबसे उपयोगी माने जाते हैं। सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल जैसी मछलियां ओमेगा-थ्री का बड़ा स्रोत हैं जो न्यूरॉन की झिल्ली को मजबूत बनाती हैं और स्मृति को बेहतर करती हैं। पालक, केल समेत अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों में फोलेट और विटामिन के पाए जाते हैं जो बढ़ती उम्र में कॉग्निटिव गिरावट को धीमा करते हैं। यूरोप और अमेरिका में पाई जाने वाली केल एक पत्तेदार हरी सब्जी है। इसमें विटामिन ए, के, सी बहुत अधिक होते हैं। इसे सुपरफूड माना जाता है। स्मूदी, सलाद, सूप में ज्यादातर इसका उपयोग होता है। भारत में इसके विकल्प के तौर पर मेथी, पालक, सरसों का साग और चौलाई का इस्तेमाल किया जा सकता है।