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परिषदीय स्कूलों से पढ़ने वालों को शत प्रतिशत एडमिशन का लक्ष्य
ब्यूरो अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Fri, 29 Jul 2016 04:20 AM IST
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शिक्षा स्वराज यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश में ट्रांजेक्शन फ्री स्कीम शुरू कर दी गई है। इसके तहत परिषदीय स्कूलों से आठवीं पास करके निकलने वाले बच्चों को हर हाल में नवीं कक्षा में एडमिशन दिलाया जाएगा। योजना पूरे प्रदेश में लागू है, लेकिन इसके लिए पहले चरण में आदर्श स्थिति बनाने के लिए पांच जिलों को चयनित किया गया है।
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इस स्कीम में आठवीं पास करने वाले बच्चों का पूरा रिकार्ड रखा जाएगा। इन पांच जिलों में मुरादाबाद मंडल का रामपुर भी शामिल है। सरकार ने पहले लक्ष्य रखा था कि कोई भी बच्चा आठवीं तक की शिक्षा पाने से वंचित न रह जाए। आठवीं तक से भी बीच से पढ़ाई छोड़ने वालों को रोकने के लिए भी इंतजाम किए गए।
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लेकिन आठवीं पास करने के बाद बच्चे क्या कर रहे हैं, पढ़ रहे हैं या नहीं इसकी कोई जानकारी नहीं रखी जाती। लेकिन अब आठवीं के बाद भी बच्चों की पढ़ाई जारी रख वे उच्च शिक्षा हासिल करें इसके लिए ट्रांजेक्शन फ्री स्कीम शुरू की गई है।
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इसके तहत परिषदीय स्कूलों से पढ़ने वाले बच्चों को आठवीं पास करने के बाद माध्यमिक विद्यालयो में नवीं कक्षा में एडमिशन दिलाने की जिम्मेदारी अब सरकार की होगी। इसके लिए सभी जिलों में एडमिशन कराने की मुहिम शुरू कर दी गई है।
लेकिन पांच जिलों को आदर्श बनाने के लिए चयनित किया गया है। इसमें रामपुर, बदायूं, बलरामपुर, श्रावस्ती और अंबेडकरनगर शामिल हैं। सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक भगवत पटेल ने बताया कि योजना को सफल बनाने के लिए बीएसए, खंड शिक्षाधिकारी, बीआरसी, एनपीआरसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसमें 2016 में आठवीं पास करने वाले शत प्रतिशत बच्चों को एडमिशन दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। पांच अगस्त तक प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजनी है। अगर कोई बच्चा बीच से पढ़ाई छोड़ देता है तो उसके घर जाकर उसे और उसके परिजनों को शिक्षा का महत्व समझाया जाएगा ताकि पढ़ लिखकर बच्चे आन भविष्य बना सकेंगे।
हर बच्चे का रखा जाएगा रिकार्ड योजना के तहत आठवीं पास करने वाले बच्चों को पूरा डाटा रखा जाएगा। रिजल्ट देने के साथ ही उनके नाम पते के साथ ही फोन नंबर लिया जाएगा।
इसके बाद उन्होंने किस स्कूल में एडमिशन लिया, उसके प्रधानाचार्य का नाम और फोन नंबर भी रिकार्ड में होगा। फोन नंबर पर संपर्क कर बच्चों की स्थिति की समय समय पर जानकारी ली जाएगी।
अगर वे वहां से भी पढ़ाई छोड़ देते हैं तो बीआरसी और एनपीआरसी प्रभारी उनके घर जाकर आगे पढ़ाई रखने के लिए प्रेरित करेंगे। अगर कोई समस्या है तो उसका भी समाधान कराया जाएगा।