लिंग परीक्षण ‘की-वर्ड’ आते ही जानकारी ब्लॉक करें सर्च इंजन : सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, याहू आदि इंटरनेट सर्च इंजन को निर्देश दिया है कि वे ऐसा सिस्टम विकसित करें जिससे प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण से संबंधित ‘की-वर्ड’ आते ही इससे संबंधित जानकारी स्वत: ब्लॉक हो जाए। सरकार की ओर से फिलहाल 43 ऐसे ‘की-वर्ड’ सुझाए गए हैं।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति सी नगप्पन की पीठ ने कहा कि सभी सर्च इंजन भारत के कानून मानने के लिए बाध्य हैं। पीठ ने कहा कि ये 43 ‘की-वर्ड’ के अलावा अगर और ऐसे शब्द हों जिससे प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण कराने से संबंधित जानकारी मिल सकती हो, उसे जल्द से जल्द ब्लॉक करने की व्यवस्था की जाए।
सर्च इंजन मानेंगे भारत के कानून
पीठ ने कहा कि सर्च इंजन की इस दलील को स्वीकार करना मुश्किल है कि जब उनकी जानकारी में आएगा तो वह जरूरी कदम उठाएंगे। सर्च इंजन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सीए सुंदरम ने कहा कि वे भारत के कानून को मानेेंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी सर्च इंजन न तो अपनी वेबसाइट पर प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण का विज्ञापन देंगे और न ही इससे संबंधित कोई चीजें प्रचारित करेंगे।
अदालत ने अब इस मामले की अंतिम सुनवाई के लिए 16 नवंबर की तारीख मुकर्रर की है। शीर्ष अदालत साबू जार्ज मैथ्यूज की याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिका में प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण संबंधी विज्ञापनों का प्रतिबंध लगाने की गुहार की गई है।