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शशिकला: 4 साल सजा, 10 साल का चुनावी बैन, 10 करोड़ जुर्माना

ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 14 Feb 2017 10:07 PM IST
Sasikala convicted in DA case; can't contest elections for 10 years
- फोटो : file photo
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सुप्रीम कोर्ट ने अन्नाद्रमुक प्रमुख वीके शशिकला के तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने का सपना चकनाचूर कर दिया है। शीर्ष अदालत ने उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय जयललिता के साथ मिलकर भ्रष्टाचार करने, आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और साजिश करने का दोषी मानते हुए चार साल की कैद की सजा के अलावा अगले दस वर्षों तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है और तत्काल समर्पण करने का आदेश जारी किया।  

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शीर्ष अदालत का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब जयललिता के निधन के बाद राज्य में सत्ता संघर्ष चरम पर है। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए और निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को चार साल की कैद की सजा सुनाई। निचली अदालत ने 19 साल पुराने आय से अधिक संपत्ति मामले में जयललिता के अलावा इन तीनों को सजा सुनाई थी जिसे सुप्रीम कोर्ट ने शब्दश: बरकरार रखा है। 


नए फैसले के मुताबिक, 60 वर्षीया शशिकला को अब साढ़े तीन साल जेल में ही बिताने होंगे क्योंकि छह महीने की सजा वह पहले ही काट चुकी हैं। विशेष अदालत ने जयललिता और तीन अन्य को 53.60 करोड़ रुपये की बेहिसाबी संपत्ति का दोषी पाया था।

निचली अदालत के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने रखा बरकरार

सीबीआई का आरोप था कि इन चारों की बेहिसाबी संपत्ति 66.65 करोड़ रुपये थी। शीर्ष अदालत ने शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों- जयललिता के दत्तक पुत्र वीएन सुधाकरण तथा शशिकला के बड़े बेटे की विधवा एलावर्सी- को बंगलूरू की निचली अदालत में तत्काल समर्पण करने का आदेश दिया ताकि उन सभी को कानून के मुताबिक बाकी सजा काटने का आदेश जारी किया जा सके। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि शशिकला कब समर्पण करेंगी।

सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर 2014 को दिए ट्रायल कोर्ट के आदेश को पूरी तरह से अपनी मुहर लगा दी है। यानी तीनों को 10 करोड़ का जुर्माना भरना होगा और 6 पोंजी कंपनियों की संपत्तियां भी जब्त होंगी। शशिकला 1996 में जेल गई थीं जब उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था और फिर 2014 में जब विशेष अदालत ने चार साल की सजा और 10 करोड़ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी, तब भी वह जेल गई थीं। उस समय जयललिता को चार साल की कैद और 100 करोड़ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। 

आठ मिनट में सुनाई गई सजा 
सुप्रीम कोर्ट ने अन्नाद्रमुक की महासचिव वीके शशिकला को सजा सुनाने में बमुश्किल आठ मिनट में समय लिया। न्यायमूर्ति पीसी घोष और अमिताव रॉय कोर्ट नंबर 6 में 10.30 बजे अपने आसन पर पहुंचे जहां फैसले का इंतजार कर रहे वकीलों और पत्रकारों से कक्ष खचाखच भरा हुआ था। कोर्ट स्टाफ द्वारा इस महत्वपूर्ण फैसले का दस्तावेज खोलते ही दोनों जजों ने कुछ पल के लिए विमर्श किया। इसके बाद न्यायमूर्ति घोष ने सजा सुनाते हुए कहा, ‘आप इस अहम फैसले से वाकिफ हो सकते हैं। हमने इसका दायित्व अपने ऊपर लिया है।’ इसके तत्काल बाद ही जस्टिस घोष फैसले की अहम घोषणा करने लगे और 10.40 बजे तक इसे पूरा कर लिया। 

पन्नीर सेल्वम के समर्थकों में खुशी की लहर

सेल्वम समर्थकों में खुशी की लहर, पटाखे फोड़े
सुप्रीम कोर्ट ने जैसे ही शशिकला को दोषी ठहराते हुए सजा का एलान किया, पन्नीर सेल्वम समर्थक अन्नाद्रमुक कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। वे खुशी से झूम उठे, पटाखे फोड़ने लगे और एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाते हुए नारेबाजी करने लगे, ‘अब तो चार साल जेल और बेल भी नहीं।’ वहीं कुछ लोग नारे लगा रहे थे, ‘शशिकला, क्या यह काफी है या और चाहिए।’ 
 
सत्ता संघर्ष तेज, राज्यपाल से मिले पलनीस्वामी 
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अन्नाद्रमुक प्रमुख शशिकला समर्थक विधायकों ने इडापडी के पलनीस्वामी को विधायक दल का नेता चुन लिया है। वहीं, पार्टी महासचिव शशिकला ने घोषणा की कि अन्नाद्रमुक ने ओ. पन्नीर सेल्वम, स्कूली शिक्षा मंत्री मा फोई पांडियाराजन तथा 18 अन्य नेताओं को पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया है। उधर पलनीस्वामी ने शाम करीब 5.30 बजे राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया। बताया जाता है कि उन्होंने अपने साथ 127 विधायकों का समर्थन होने की चिट्ठी भी राज्यपाल को सौंपी। 

राज्यपाल ने तीन विशेषज्ञों से ली राय 
तमिलनाडु के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को बताया है कि उन्होंने अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी, वरिष्ठ वकील मोहन पारासरन और सोली सोराबजी से कानूनी सलाह मांगी है। रोहतगी और पारासरन ने उन्हें शक्ति परीक्षण कराने की सलाह दी है जबकि सोराबजी ने कहा कि सर्वाधिक विधायकों के समर्थन वाले नेता को ही सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए। 

कूवातुर रिसोर्ट में विधायकों से नहीं मिल पाए ओपीएस समर्थक 
इससे पहले ओ. पन्नीर सेल्वम (ओपीएस) खेमे के नेता सी. पोन्नैयन और केपी मुनुस्वामी ने कूवातुर रिसोर्ट में पिछले दो दिनों से ठहराए गए शशिकला समर्थक विधायकों से मुलाकात की कोशिश की लेकिन खाली हाथ निवास पर लौट आए। इसी तरह मा फोई पांडियाराजन भी मुख्यमंत्री निवास पर लौट गए। इस बीच कांचीपुरम के कलेक्टर ने  कूवतुर में धारा 144 लगा दी है। चेन्नई से 80 किमी दूर कूवतूर रिसोर्ट में शशिकला भी सोमवार की रात बिता चुकी हैं।
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