{"_id":"5d51772d8ebc3e6d0c33b9c7","slug":"sant-ravidas-temple-collapsed-by-dda-in-delhi-aap-and-related-community-demand-for-rebuilding","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्या पीएम नरेंद्र मोदी दोबारा बनवाएंगे ऐतिहासिक महत्व का ये मंदिर?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
क्या पीएम नरेंद्र मोदी दोबारा बनवाएंगे ऐतिहासिक महत्व का ये मंदिर?
Mon, 12 Aug 2019 08:14 PM IST
Trainee Trainee
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: Trainee Trainee
Updated Mon, 12 Aug 2019 08:14 PM IST
विज्ञापन
संत रविदास
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में अवैध इमारतों पर सीलिंग कमेटी का हथौड़ा तेजी से बरस रहा है। इस क्रम में कई बड़ी इमारतों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। लेकिन गत 10 अगस्त को डीडीए ने तुगलकाबाद की एरिया में संत रविदास से जुड़े एक ऐसे मंदिर को ढहा दिया जिसे ऐतिहासिक महत्व का बताया जा रहा है। मंदिर के ढहाने के बाद से पूरे इलाके में तनाव है। तनाव को लेकर सुरक्षा बल सतर्क हो गए हैं।
विज्ञापन
आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस मंदिर को दोबारा बनवाने की मांग की है। दरअसल, बताया जाता है कि उक्त मंदिर संत रविदास की याद में बनवाया गया था। जब संत रविदास बनारस से पंजाब की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने 1509 में इस स्थान पर आराम किया था। एक जाति विशेष के नाम पर यहां पर एक बावड़ी भी बनवाई गई थी जो आज भी मौजूद है। कहा जाता है कि स्वयं सिकंदर लोदी ने संत रविदास से नामदान लेने के बाद उन्हें यहां जमीन दान की थी जिस पर यह मंदिर बना था। आजाद भारत में 1954 में इस जगह पर एक मंदिर का निर्माण हुआ था। तत्कालीन केंद्रीय मंत्री जगजीवन राम ने 1959 में इसका उद्घाटन किया था।
विज्ञापन
इन्हें प्रिय था संत रविदास का मंदिर
एक जाति विशेष के लोग इस मंदिर से बहुत श्रद्धा रखते थे। यही कारण है कि मंदिर के टूटने के बाद से उनका पूरा समाज आंदोलित है। मंदिर से सिखों की आस्था भी जुड़ी हुई थी क्योंकि सिखों का मानना है कि संत रविदास की उच्चारण की हुई वाणी गुरु ग्रंथ साहिब में मौजूद है। आज भी सिख इस स्थान पर संत रविदास को श्रद्धा व्यक्त करते थे। इलाके के लोगों का कहना है कि इस मंदिर से लोगों की श्रद्धा जुड़ी हुई थी और डीडीए को इसे नहीं तोड़ना चाहिए था।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
आम आदमी पार्टी नेता राजेंद्र पाल गौतम ने डीडीए की इस कार्रवाई को बेहद आपत्तिजनक बताया है। उन्होंने कहा कि इस अनैतिक कार्य से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से पत्र लिखकर मंदिर को दोबारा स्थापित कराए जाने की मांग की है।