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Canada: 'जब कार्यक्रम में तलवार लेकर आए 150 लोगों ने घेरा...' भारतीय राजदूत संजय वर्मा ने सुनाया खौफनाक किस्सा
Fri, 25 Oct 2024 12:25 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Fri, 25 Oct 2024 12:25 AM IST
सार
Canada: विवाद के बाद कनाडा से भारत बुलाए गए राजदूत संजय वर्मा ने कनाडा में उनके साथ घटित खौफनाक घटना के बारे में बातचीत की। जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे जब वो एक कार्यक्रम में थे तब लगभग 150 लोगों ने उनपर हमला करने का प्रयास किया।
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संजय वर्मा
- फोटो : PTI
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विस्तार
भारत-कनाडा विवाद पर कनाडा से वापस बुलाए गए भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा ने कनाडा की खैफनाक कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि अचानक पता नहीं क्या हुआ हमें अवांछित व्यक्ति के रूप में घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं अल्बर्टा के एक शहर में था, वहां के भारतीय मूल के लोगों ने एक डिनर रखा था। जो कि एक सांस्कृतिक कार्यक्रम था और वो एक बिजनेस इवेंट भी था। जिसमें कनाडा के बिजनेसमैन भी आए हुए थे। कंवेंशन हाल में कार्यक्रम चल रहा था और बाहर में 150 के आसपास लोग थे, जो खालिस्तान के नाम पर ओछी हरकतें कर रहे थे।
उन्होंने कनाडा में भयावह क्षण को याद करते हुए कहा कि हां एक-दो बार वे हमें शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाने के लिए बहुत करीब आ गए थे। उनके पास तलवार थी, वह कृपाण नहीं थी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब मैं अल्बर्टा में था, तो एक तलवार मेरे शरीर के करीब 2-2.5 इंच तक आ गई थी।
दोहरा मापदंड को बताया ढोंग
खालिस्तानी तत्वों को बढ़ावा देने में पाकिस्तान की भूमिका पर संजय कुमार वर्मा ने कहा कि हम जानते और समझते हैं कि पाकिस्तानी एजेंसियों के पाकिस्तानी चरमपंथियों और आतंकवादियों के साथ घनिष्ठ संबंध हैं। हम उन आतंकवादियों के उदाहरण देख सकते हैं जो पाकिस्तान में रह रहे थे। हां, वैश्विक संबंध हैं। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि ये वैश्विक संबंध कनाडा के लिए भी मान्य होंगे।
उन्होंने कहा कि हम एक जिम्मेदार लोकतंत्र हैं। किसी भी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की हमारी नीति नहीं है। इसके साथ ही दुख इस मामले में दुख जताते हुए वर्मा ने कहा कि यह दुखद था क्योंकि मैं दोनों देशों के बीच संबंधों को और बेहतर बनाने के लिए वहां गया था, लेकिन मेरे खिलाफ आरोप लगाए गए, मुझे भी लगता है कि अगर मेरे देश के हितों को नुकसान पहुंचा है तो फिर अपने देश की रक्षा करना मेरा कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि यदि आप पूरे प्रकरण को देखें और हम हमेशा कहते रहे हैं कि हमारे साथ कोई भी सबूत साझा नहीं किया गया है, तो मुझे लगता है कि यह काफी हद तक राजनीति से प्रेरित है और भारत को गलत तरीके से निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा ने कहा, "एक निर्वाचित नेता के रूप में, श्री ट्रूडो कनाडा के सभी मामलों के शीर्ष पर हैं। अगर मुझे कनाडा-भारत संबंधों के लिए अनुकूल परिणाम नहीं दिखते हैं, तो मैं उस व्यक्ति को दोषी ठहराऊंगा जो मामलों के शीर्ष पर है।
ट्रूडो पर साधा था निशाना
गौरतलब हो कि इस मामले में संजय कुमार वर्मा ने अपने बयान में कहा था कि खालिस्तानियों को कनाडाई खुफिया एजेंसियों द्वारा रणनीतिक संपत्ति के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। जैसा कि कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने संसद में खड़े होकर भारत सरकार के एजेंटों पर कनाडाई धरती पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। जिसको लेकर उन्होंने कहा था कि मैंने भी उसी तरह कहा कि खालिस्तानी आतंकवादी और चरमपंथी कनाडाई खुफिया एजेंसी की गहरी संपत्ति हैं।
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उन्होंने कनाडा में भयावह क्षण को याद करते हुए कहा कि हां एक-दो बार वे हमें शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाने के लिए बहुत करीब आ गए थे। उनके पास तलवार थी, वह कृपाण नहीं थी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब मैं अल्बर्टा में था, तो एक तलवार मेरे शरीर के करीब 2-2.5 इंच तक आ गई थी।
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#WATCH | "...Yes, a couple of times they came very close to bodily harm us...They were carrying a sword, it was not a Kirpan...When I was in Alberta a sword came around 2-2.5 inches close to my body...," says Recalled Indian High Commissioner to Canada, Sanjay Kumar Verma while… pic.twitter.com/y4QCjAqFHu
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 24, 2024
दोहरा मापदंड को बताया ढोंग
खालिस्तानी तत्वों को बढ़ावा देने में पाकिस्तान की भूमिका पर संजय कुमार वर्मा ने कहा कि हम जानते और समझते हैं कि पाकिस्तानी एजेंसियों के पाकिस्तानी चरमपंथियों और आतंकवादियों के साथ घनिष्ठ संबंध हैं। हम उन आतंकवादियों के उदाहरण देख सकते हैं जो पाकिस्तान में रह रहे थे। हां, वैश्विक संबंध हैं। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि ये वैश्विक संबंध कनाडा के लिए भी मान्य होंगे।
उन्होंने कहा कि हम एक जिम्मेदार लोकतंत्र हैं। किसी भी देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की हमारी नीति नहीं है। इसके साथ ही दुख इस मामले में दुख जताते हुए वर्मा ने कहा कि यह दुखद था क्योंकि मैं दोनों देशों के बीच संबंधों को और बेहतर बनाने के लिए वहां गया था, लेकिन मेरे खिलाफ आरोप लगाए गए, मुझे भी लगता है कि अगर मेरे देश के हितों को नुकसान पहुंचा है तो फिर अपने देश की रक्षा करना मेरा कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि यदि आप पूरे प्रकरण को देखें और हम हमेशा कहते रहे हैं कि हमारे साथ कोई भी सबूत साझा नहीं किया गया है, तो मुझे लगता है कि यह काफी हद तक राजनीति से प्रेरित है और भारत को गलत तरीके से निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय उच्चायुक्त संजय कुमार वर्मा ने कहा, "एक निर्वाचित नेता के रूप में, श्री ट्रूडो कनाडा के सभी मामलों के शीर्ष पर हैं। अगर मुझे कनाडा-भारत संबंधों के लिए अनुकूल परिणाम नहीं दिखते हैं, तो मैं उस व्यक्ति को दोषी ठहराऊंगा जो मामलों के शीर्ष पर है।
ट्रूडो पर साधा था निशाना
गौरतलब हो कि इस मामले में संजय कुमार वर्मा ने अपने बयान में कहा था कि खालिस्तानियों को कनाडाई खुफिया एजेंसियों द्वारा रणनीतिक संपत्ति के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। जैसा कि कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने संसद में खड़े होकर भारत सरकार के एजेंटों पर कनाडाई धरती पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। जिसको लेकर उन्होंने कहा था कि मैंने भी उसी तरह कहा कि खालिस्तानी आतंकवादी और चरमपंथी कनाडाई खुफिया एजेंसी की गहरी संपत्ति हैं।