Sandeshkhali Row: टीएमसी नेता शाहजहां शेख 55 दिन बाद गिरफ्तार, अदालत ने 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा
Sandeshkhali Row: करीब 55 दिनों से फरार चल रहे तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता शाहजहां शेख को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत ने संदेशखाली हिंसा के आरोपी को दस दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
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पश्चिम बंगाल के संदेशखाली हिंसा के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता शेख प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों की टीम पर हमले के बाद से फरार था। पुलिस ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी को बशीरहाट की अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे दस दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुलिस ने बताया कि शाहजहां शेख उत्तर 24 परगना जिले के मिनाखा में एक घर में छिपा हुआ था, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया और 14 दिन की हिरासत की मांग की। लेकिन अदालत ने दस दिन की पुलिस हिरासत की अनुमति दी।
#WATCH | West Bengal | TMC leader Sheikh Shahjahan brought to Basirhat Court lockup after his arrest.
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ADG (South Bengal) Supratim Sarkar said that he has been arrested in a case which happened on 5th January 2024 where ED officers were assaulted during the course of raid they… pic.twitter.com/ItD5468T3s— ANI (@ANI) February 29, 2024
जिले के संदेशखाली की महिलाओं ने शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर यौन शोषण व जमीन के पट्टों को कब्जाने का आरोप लगाया है। राज्य महाधिवक्ता की अर्जी पर उच्च न्यायालय ने बीते सोमवार को शाहजहां शेख की गिरफ्तारी का आदेश दिया था।
न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की एकल पीठ ने सात फरवरी के आदेश में ईडी के अधिकारियों पर हमले की जांच के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और पश्चिम बंगाल पुलिस के संयुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन पर रोक लगाई थी। बाद में अदालत ने पाया कि शेख काफी समय से फरार है। जिसके बाद अदालत ने निर्देश दिया था कि सीबीआई और ईडी शेख को गिरफ्तार करने के लिए स्वतंत्र हैं।
फैक्ट फाइंडिंग कमेटी को संदेशखाली जाने की अनुमति
इससे पहले उच्च न्यायालय ने बुधवार को दिल्ली से पहुंची फैक्ट फाइंडिंग टीम को संदेशखाली जाने की अनुमति दी। पिछले रविवार को कमेटी के प्रतिनिधियों ने संदेशखाली जाने की कोशिश की थी। लेकिन, पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक दिया था। कमेटी ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश कौशिक चंद्र की खंडपीठ ने उन्हें संदेशखाली जाने की इजाजत दी।
कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा का दो दिवसीय धरना
वहीं, इस मुद्दे को लेकर राज्य की विपक्षी भाजपा लगातार सरकार पर हमलावर है। उसका संदेशखाली में कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति और टीएमसी नेताओं के कथित अत्याचार के खिलाफ धरना जारी है। पार्टी की राज्य इकाई के शीर्ष नेताओं ने बुधवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरना शुरू किया। इस दौरान भाजपा प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।