संस्कृत, उर्दू और पंजाबी अकादमी शिक्षकों का वेतन हुआ दोगुना
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दिल्ली सरकार की संस्कृत, उर्दू और पंजाबी अकादमी से सरकारी स्कूलों में अनुबंध आधार पर पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए खुशखबरी है। सरकार ने इन शिक्षकों के वेतन को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। शिक्षा निदेशालय की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।
इन शिक्षकों का वेतन बढ़ने से अब सरकारी स्कूल में बतौर अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे शिक्षकों के वेतन को भी बढ़ाने की मांग उठने लगी है। अतिथि शिक्षकों की मांग है कि उन्हें भी समान कार्य के अनुसार समान वेतन दिया जाए।
सरकारी स्कूलों में अनुबंध आधार पर पढ़ाने वाले अकादमी के पीजीटी शिक्षकों को अब तक 21, 291 रुपये वेतन मिलता था। नए आदेश के अनुसार इस वेतन को बढ़ाकर 49,980 कर दिया गया है।
वहीं टीजीटी शिक्षकों का वेतन 20, 989 था, जिसे बढ़ाकर 47, 145 कर दिया गया है। यह वेतन 1 जुलाई 2017 से प्रभावी माना जाएगा। वर्ष 2009 से वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे थे और बीते कई सालों से ऐसे ही असमान वेतन पर पढ़ाते आ रहे थे।
ऑल इंडिया गेस्ट टीचर एसोसिएशन के सदस्य शोएब राणा ने इन शिक्षकों का वेतन बढ़ने का स्वागत किया है। साथ ही यह मांग की सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे लगभग 25 हजार अतिथि शिक्षकों के वेतन को भी बढ़ाया जाए। उन्होंने समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग की।