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आज खुलेगा सबरीमाला मंदिर, उग्र संगठन ने कहा- महिलाओं को नहीं देंगे प्रवेश

Tue, 31 Dec 2019 12:39 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सबरीमाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सबरीमाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 31 Dec 2019 12:39 AM IST
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Sabarimala : protesting organization warned that they will not let women enter in the temple
सबरीमाला मंदिर

मकर विलक्कू त्योहार से पहले मंगलवार को खुल रहे सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश के खिलाफ आंदोलन चला रहे अग्रणी संगठन ने कहा कि वह महिलाओं को हरगिज प्रवेश नहीं करने देंगे। उसने कहा कि लोगों की धार्मिक भावना आहत होने से बचाने के लिए मंदिर और उसके आसपास कड़ी चौकसी करेंगे।

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ऑल इंडिया सबरीमाला एक्शन काउंसिल ने सोमवार को कहा कि उसे संतोष है कि 27 दिसंबर को संपन्न मंडलम उत्सव के दौरान 10 से 50 साल की कोई महिला भगवान अयप्पा के मंदिर में प्रवेश नहीं कर पाई। काउंसिल के महासचिव एसजेआर कुमार ने कहा कि मंदिर की परंपरा और रिवाजों को किसी भी कीमत पर बचाया जाएगा।

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विवादों में छाया रहा सबरीमाला मंदिर

साल 2019 में केरल में स्थित सबरीमाला मंदिर विवादों में छाया रहा। सबरीमाला मंदिर में 10 साल की आयु से लेकर 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी थी। इस पाबंदी को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा। कोर्ट ने अपने फैसले में मंदिर में महिलाओं के जाने की पाबंदी को हटाने का निर्णय सुनाया। इस फैसले के बाद खूब विवाद चला। फैसले को लेकर कई पुनर्विचार याचिका दायर की गई। फैसले के बाद केरल में इसको लेकर कई जगह हिंसा भी हुई।

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समीक्षा याचिकाओं पर जनवरी में सुनवाई

सबरीमाला मंदिर पर जारी विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की समीक्षा याचिकाओं पर अब सात न्यायाधीशों की एक बड़ी बेंच जनवरी 2020 में सुनवाई करेगी। सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति संबंधी फैसले को चुनौती देने वाली समीक्षा याचिका दायर किया गया है।



गौरतलब है कि सर्वोच्च अदालत ने पूर्व के फैसले में सभी उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश का अधिकार दे दिया था। हालांकि इस फैसले की समीक्षा के लिए 60 याचिकाएं दायर की गईं थीं। सुप्रीम कोर्ट के तत्कालिन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच जजों वाली पीठ ने छह फरवरी 2019 को इन याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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