{"_id":"68e12fb275fbe01a6b0b7f4f","slug":"sabarimala-gold-plating-row-tdb-to-approach-kerala-hc-seeking-probe-2025-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kerala: सबरीमाला मंदिर में सोने की परत को लेकर विवाद जारी, जांच की मांग को लेकर केरल हाईकोर्ट जाएगी टीडीबी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Kerala: सबरीमाला मंदिर में सोने की परत को लेकर विवाद जारी, जांच की मांग को लेकर केरल हाईकोर्ट जाएगी टीडीबी
Sat, 04 Oct 2025 08:01 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 04 Oct 2025 08:01 PM IST
सार
Kerala: त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने सबरीमाला मंदिर में सोने की परत चढ़ाने में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए केरल हाईकोर्ट से अपील करने की घोषणा की है। बोर्ड ने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक मकसद से मंदिर की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं और सोने की कमी व दुरुपयोग के झूठे आरोप लगा रहे हैं।
विज्ञापन
सबरीमाला मंदिर
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ने शनिवार को घोषणा की कि वह सबरीमाला मंदिर में सोने की परत चढ़ाने में कथित अनियमितताओं की पूरी तरह से जांच के लिए केरल हाईकोर्ट का रुख करेगा। पत्रकारों से बात करते हुए टीडीबी अध्यक्ष पी एस प्रसांत ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे इस विवाद को एक सुनहरा मौका समझकर बोर्ड को निशाना बना रहे हैं।
उन्होंने कहाकि हाईकोर्ट से यह अनुरोध किया कि जाएगा कि 1998 से अब तक की पूरी जांच कराई जाए, जब उद्योगपति विजय माल्या ने मंदिर के गर्भगृह में सोना चढ़ाने का खर्ज उठाया था। इस बात की जांच हो कि सोने की मात्रा में कोई कमी आई है या नहीं और क्या कुछ लोगों ने प्रायोजक के नाम पर इसका गलत फायदा उठाया है।
प्रसांत ने कहा कि हाल ही में आयोजित हुए वैश्विक अयप्पा संगमम को व्यापक समर्थन मिला, उसके बाद से सबरीमाला मंदिर को लेकर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि टीडीबी 1998 से 2025 तक की जांच की मांग करेगा, जिसमें सोने के वजन में गड़बड़ी और इसमें शामिल व्यक्ति की जांच शामिल होगी। उन्होंने कहा, कोर्ट 1998 से लेकर 2025 तक के सबरीमाला से जुड़े मामलों की जांच करे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: मुंबई के दूसरे हवाई अड्डे का शुभारंभ करेंगे पीएम मोदी, दिसंबर में शुरू होंगी वाणिज्यिक उड़ानें
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब द्वारपालक मूर्तियों की सोने की परत दोबारा चढ़ाने के लिए उन्हें चेन्नई भेजा गया, तब सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार पूरी की गई थीं। प्रसांत ने कहा कि इन्हें तिरुवाभरणम आयुक्त की निगरानी में कार्यकारी अधिकारी और सतर्कता अधिकारियों की मौजूदगी में भेजा गया था। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई थी और शुरुआत व अंत में महसर (सूची) तैयार की गई थी। सोना पुलिस सुरक्षा के साथ एक सुरक्षित वाहन में ले जाया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रायोजक उन्नीकृष्णन को केवल चेन्नई बुलाया गया था, लेकिन उन्हें कभी भी सोना नहीं सौंपा गया।
बाद में टीडीबी ने एक बयान में कहा, सबरीमाला जैसे मंदिर की प्रतिष्ठा को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। इसलिए बोर्ड पूरी जांच की मांग कर रहा है। अगर किसी ने गलत किया है, तो उसे सजा मिलनी चाहिए। लेकिन राजनीतिक मकसद से बोर्ड और मंदिर की पवित्रता पर झूठे आरोप लगाकर हमला किया जा रहा है। बोर्ड के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और इसी वजह से हम कोर्ट-निगरानी में जांच की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहाकि हाईकोर्ट से यह अनुरोध किया कि जाएगा कि 1998 से अब तक की पूरी जांच कराई जाए, जब उद्योगपति विजय माल्या ने मंदिर के गर्भगृह में सोना चढ़ाने का खर्ज उठाया था। इस बात की जांच हो कि सोने की मात्रा में कोई कमी आई है या नहीं और क्या कुछ लोगों ने प्रायोजक के नाम पर इसका गलत फायदा उठाया है।
विज्ञापन
प्रसांत ने कहा कि हाल ही में आयोजित हुए वैश्विक अयप्पा संगमम को व्यापक समर्थन मिला, उसके बाद से सबरीमाला मंदिर को लेकर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि टीडीबी 1998 से 2025 तक की जांच की मांग करेगा, जिसमें सोने के वजन में गड़बड़ी और इसमें शामिल व्यक्ति की जांच शामिल होगी। उन्होंने कहा, कोर्ट 1998 से लेकर 2025 तक के सबरीमाला से जुड़े मामलों की जांच करे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: मुंबई के दूसरे हवाई अड्डे का शुभारंभ करेंगे पीएम मोदी, दिसंबर में शुरू होंगी वाणिज्यिक उड़ानें
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब द्वारपालक मूर्तियों की सोने की परत दोबारा चढ़ाने के लिए उन्हें चेन्नई भेजा गया, तब सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार पूरी की गई थीं। प्रसांत ने कहा कि इन्हें तिरुवाभरणम आयुक्त की निगरानी में कार्यकारी अधिकारी और सतर्कता अधिकारियों की मौजूदगी में भेजा गया था। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई थी और शुरुआत व अंत में महसर (सूची) तैयार की गई थी। सोना पुलिस सुरक्षा के साथ एक सुरक्षित वाहन में ले जाया गया था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रायोजक उन्नीकृष्णन को केवल चेन्नई बुलाया गया था, लेकिन उन्हें कभी भी सोना नहीं सौंपा गया।
बाद में टीडीबी ने एक बयान में कहा, सबरीमाला जैसे मंदिर की प्रतिष्ठा को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। इसलिए बोर्ड पूरी जांच की मांग कर रहा है। अगर किसी ने गलत किया है, तो उसे सजा मिलनी चाहिए। लेकिन राजनीतिक मकसद से बोर्ड और मंदिर की पवित्रता पर झूठे आरोप लगाकर हमला किया जा रहा है। बोर्ड के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और इसी वजह से हम कोर्ट-निगरानी में जांच की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन