सबरीमाला : महिला को मंदिर में प्रवेश से रोकने पर 200 प्रदर्शनकारियों पर केस
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केरल के सबरीमाला मंदिर के कपाट खुलने के दूसरे दिन भी घमासान जारी रहा। मंगलवार को मंदिर के नजदीक पहुंची एक महिला को करीब 200 प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया और धक्कामुक्की की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महिला प्रतिबंधित आयु वर्ग से है। पुलिस ने बीचबचाव कर महिला को वहां से बाहर निकाला। पुलिस ने महिला की शिकायत पर 200 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है।
महिला की पहचान त्रिशूर की रहने वाली 52 वर्षीय ललिता रवि के तौर पर हुई। वह 19 रिश्तेदारों के साथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंची थी। ललिता जब नदापंडाल (मंदिर में प्रवेश के लिए 18 पवित्र सीढ़ियों के निकट) पहुंची, तो ‘अयप्पा शरणम्’ के जयकारे लगा रहे प्रदर्शनकारियों ने उनका रास्ता रोक लिया।
भीड़ उन्हें अंदर नहीं जाने देने पर अड़ी थी। इस दौरान ललिता घायल हो गई। पुलिस ने किसी तरह उन्हें वहां से निकाला। बेचैनी की शिकायत के बाद ललिता को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि कुछ देर बाद ललिता अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ लौटी और मंदिर में पूजा की। भगवान अयप्पा के दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसी स्थिति की कल्पना नहीं की थी।
बेस कैंप से ही लौटना पड़ा
इससे पहले मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश से आई 30 वर्षीय महिला को भी विरोध के कारण बिना दर्शन करे बेस कैंप पंबा से ही लौटना पड़ा। महिला अपने पति और दो बच्चों के साथ सोमवार को यहां पहुंची थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सोमवार को दूसरी बार मंदिर के कपाट खुले हैं। पिछली बार हुए विरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने भारी सुरक्षा इंतजाम किए हैं, इसके बावजूद 10 से 50 वर्ष की महिला मंदिर में दर्शन नहीं कर सकी है।
मलयाली चैनल का कैमरामैन घायल
इस बीच, इस घटना को कवर कर रहे मलयालम चैनल के कैमरामैन को भी प्रदर्शनकारियों ने निशाना बनाया। विजय नामक कैमरामैन पर प्लास्टिक के स्टूल से हमला किया गया। वहीं, चैनल का आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे लोगों ने नारियल भी फेंका, जिससे कैमरामैन घायल हो गया।
केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने इस पर कहा कि कुछ लोग सबरीमाला के शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों को मंदिर में प्रवेश करने से रोका जा रहा है। असली श्रद्धालु और समाज ऐसे लोगों को भलीभांति पहचानता है।