भारत-रूस: पहली भारतीय अंतरिक्ष उड़ान की 40वीं वर्षगांठ पर रूस की बधाई, 1984 में स्पेस में गए थे राकेश शर्मा
भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने कहा, उस समय वे सिर्फ 35 साल के थे जब स्टार सिटी में प्रशिक्षण लेने के बाद अंतरिक्ष में उड़ान भरने का मौका मिला। उन्होंने कहा, उस ऐतिहासिक लम्हे के 40 साल बीत चुके हैं।
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आज से 40 साल पहले भारत ने आंतरिक्ष में प्रवेश किया था, जिसमें रूस ने भारत की मदद की थी। भारतीय वायुसेना के तत्कालीन विंग कमांडर राकेश शर्मा अंतरिक्ष में पहुंचने वाले पहले भारतीय बने थे। इस मौके पर रूस ने भारत को बधाई दी है। भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने सोवियत सोयुज टी-11 अंतरिक्ष यान पर पहली भारतीय अंतरिक्ष उड़ान की 40वीं वर्षगांठ पर सभी भारतीयों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 3 अप्रैल 1984 को विंग कमांडर राकेश शर्मा के साथ पहली भारतीय अंतरिक्ष उड़ान भरी गई थी, जिसमें दो रूसी यात्री भी सवार थे।
सोवियत रॉकेट सोयुज टी-11 पर सवार होकर बाहरी अंतरिक्ष में पहुंचने वाले पहले भारतीय बनने की 40वीं वर्षगांठ पर, भारतीय अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा ने कहा, उस समय वे सिर्फ 35 साल के थे जब स्टार सिटी में प्रशिक्षण लेने के बाद अंतरिक्ष में उड़ान भरने का मौका मिला। उन्होंने कहा, उस ऐतिहासिक लम्हे के 40 साल बीत चुके हैं। बीते चार दशक भारत और रूस के संबंधों के लिहाज से बेहद उपयोगी रहे हैं।
राकेश शर्मा ने मिशन गगनयान का जिक्र करते हुए कहा, हमारे चार नामित अंतरिक्ष यात्री जो जल्द ही अंतरिक्ष में जाने के लिए तैयार हो रहे हैं, उन्हें उसी जगह प्रशिक्षित किया गया है जहां 40 साल पहले उन्हें ट्रेनिंग दी गई थी।
#WATCH | On the 40th anniversary of becoming the first Indian to reach outer space on board the Soviet Rocket Soyuz T-11, Indian Cosmonaut Rakesh Sharma says, "I was just 35 when I had the chance to fly into space after having trained at Star City. And 40 years have passed...… pic.twitter.com/434MoJdJuE
— ANI (@ANI) April 3, 2024
बकौल राकेश शर्मा, 'चार लोगों की मौजूदा पीढ़ी को उसी तरह का प्रशिक्षण मिला है जैसा मुझे मिला था। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि प्रौद्योगिकी के अलावा, जिस तरह से मानव शरीर को अंतरिक्ष यात्रा की तीव्रता का सामना करने के लिए तैयार किया जाता है, उसमें कोई बदलाव नहीं आया है।'