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RSS: दिल्ली चुनाव में उतरा संघ, छोटी बैठकों के जरिए बनाएगा माहौल
Wed, 25 Dec 2024 07:10 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 25 Dec 2024 07:10 PM IST
सार
RSS: आरएसएस ने इसी तरह की रणनीति हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान भी आजमाई थी जो बहुत सफल रही थी। अब दिल्ली में भी उसी तरह का मॉडल अपनाने की कोशिश की जा रही है।
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी सक्रिय हो चुका है। संगठन पूरी दिल्ली में हजारों छोटी-छोटी बैठकें कर लोगों को विकास के मुद्दे पर जागृत करेगा और एक राष्ट्रवादी सरकार के गठन के लिए लोगों को वोट करने के लिए प्रेरित करेगा। संघ और भाजपा के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच पार्टी के कार्यालय में हुई एक मीटिंग में इसका खाका तैयार कर लिया गया है।
आरएसएस ने इसी तरह की रणनीति हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान भी आजमाई थी जो बहुत सफल रही थी। अब दिल्ली में भी उसी तरह का मॉडल अपनाने की कोशिश की जा रही है। इसमें मुख्य संगठन के सीधे सामने आने की बजाय अनुषांगिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों को छोटी-छोटी बैठकें करने का निर्देश दिया गया है। ये बैठकें वर्तमान में शुरू की जा चुकी हैं। इसमें स्थानीय स्तर पर लोगों को बुलाकर राष्ट्रीय और सामाजिक महत्व के विषयों की चर्चा की जा रही है।
आरएसएस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन बैठकों में किसी पार्टी या दल के विषय में लोगों से कोई बात नहीं की जा रही है, लेकिन लोगों से राष्ट्रीय, सामाजिक महत्त्व के विषयों को ध्यान में रखते हुए अपने मतदान को करने की अपील अवश्य की जा रही है। आरएसएस के शताब्दी वर्ष में जिन पांच विषयों को अपना मूल विचार घोषित किया गया है, उसे भी लोगों को बताया जा रहा है। इसमें राष्ट्रीय महत्त्व को ध्यान में रखते हुए मतदान करने से लेकर पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए अपने कर्तव्य तय करने की सोच को प्रमुखता दी जा रही है।
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बूथ स्तर तक सक्रिय हुए आरएसएस कार्यकर्ता
संघ के कार्यकर्ता दिल्ली मेंं जिला से लेकर बूथ स्तर तक संगठन की बैठकों को ले रहे हैं और कार्यकर्ताओं को लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं की बैठकों में इस बात का प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि किस वर्ग की बैठकों में भाजपा के कार्यकर्ताओं को कौन से मुद्दे उठाने हैं। संगठन का यह कार्य मतदान के समय तक चलता रहेगा।
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आरएसएस ने इसी तरह की रणनीति हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के दौरान भी आजमाई थी जो बहुत सफल रही थी। अब दिल्ली में भी उसी तरह का मॉडल अपनाने की कोशिश की जा रही है। इसमें मुख्य संगठन के सीधे सामने आने की बजाय अनुषांगिक संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों को छोटी-छोटी बैठकें करने का निर्देश दिया गया है। ये बैठकें वर्तमान में शुरू की जा चुकी हैं। इसमें स्थानीय स्तर पर लोगों को बुलाकर राष्ट्रीय और सामाजिक महत्व के विषयों की चर्चा की जा रही है।
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आरएसएस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इन बैठकों में किसी पार्टी या दल के विषय में लोगों से कोई बात नहीं की जा रही है, लेकिन लोगों से राष्ट्रीय, सामाजिक महत्त्व के विषयों को ध्यान में रखते हुए अपने मतदान को करने की अपील अवश्य की जा रही है। आरएसएस के शताब्दी वर्ष में जिन पांच विषयों को अपना मूल विचार घोषित किया गया है, उसे भी लोगों को बताया जा रहा है। इसमें राष्ट्रीय महत्त्व को ध्यान में रखते हुए मतदान करने से लेकर पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए अपने कर्तव्य तय करने की सोच को प्रमुखता दी जा रही है।
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बूथ स्तर तक सक्रिय हुए आरएसएस कार्यकर्ता
संघ के कार्यकर्ता दिल्ली मेंं जिला से लेकर बूथ स्तर तक संगठन की बैठकों को ले रहे हैं और कार्यकर्ताओं को लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं की बैठकों में इस बात का प्रशिक्षण दिया जा रहा है कि किस वर्ग की बैठकों में भाजपा के कार्यकर्ताओं को कौन से मुद्दे उठाने हैं। संगठन का यह कार्य मतदान के समय तक चलता रहेगा।