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RSS: आरएसएस की 16 अक्तूबर को प्रयागराज में होगी बैठक, जाति-वर्ण मुक्त समाज की स्थापना होगा संघ का मुख्य लक्ष्य
Fri, 14 Oct 2022 05:33 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 14 Oct 2022 05:33 AM IST
सार
संघ सूत्रों के मुताबिक 16 अक्तूबर से शुरू हो रही बैठक में सामाजिक समरसता और जाति-वर्ण मुक्त समाज की स्थापना का लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरे एक दिन की चर्चा होगी।
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की प्रयागराज में होने जा रही अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में शताब्दी वर्ष में सामाजिक समरसता और जाति-वर्ण मुक्त समाज की स्थापना का लक्ष्य हासिल करने के लिए कई तरह के अभियान शुरू करने पर मुहर लगेगी। खासतौर पर जाति-वर्ण मुक्त हिंदू समाज की स्थापना के लिए संघ धर्मगुरुओं और समाज के प्रबुद्ध लोगों के जरिए अपने अभियान को धार देगा।
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संघ सूत्रों के मुताबिक 16 अक्तूबर से शुरू हो रही बैठक में सामाजिक समरसता और जाति-वर्ण मुक्त समाज की स्थापना का लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरे एक दिन की चर्चा होगी। चर्चा के बाद इसके लिए जरूरी अभियान चलाए जाने की रूपरेखा तैयार की जाएगी। संघ का मानना है कि ऐसे अभियानों के जरिए उसका समाज के सभी वर्गों तक पहुंचने का लक्ष्य भी पूरा हो जाएगा। दरअसल संघ की योजना शताब्दी वर्ष तक दलितों के बीच अपनी मजबूत पैठ बनाने की है।
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पहले से अभियान में जुटे हैं संघ प्रमुख
विजया दशमी पर हिंदू समाज को जाति-वर्ण व्यवस्था से मुक्त करने का आह्वान करने के बाद खुद संघ प्रमुख मोहन भागवत इस मोर्चे पर जुट गए हैं। इसकी पहली कड़ी में वह धर्मगुरुओं से मुलाकात कर इस संदर्भ में चर्चा कर रहे हैं। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कार्यकारी मंडल की बैठक के बाद संघ प्रमुख का बेहद व्यवस्त प्रवास कार्यक्रम तय होगा।
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इसके तहत वह देश भर में प्रमुख धर्मगुरुओं से मुलाकात कर इस लक्ष्य को हासिल करने में सहयोग मांगेंगे। धर्मगुरुओं से अपने कार्यक्रमों और प्रवचनों में जाति-वर्ण व्यवस्था से ऊपर उठने की अपील करने का अनुरोध किया जाएगा।
कई स्तर पर चलेगा अभियान
सामाजिक समरसता और जाति-वर्ण व्यवस्था के खिलाफ अभियान कई स्तर पर चलेगा। खासतौर पर ग्रामीण अंचलों में स्वयंसेवक सभी वर्गों का पूजास्थलों तक पहुंच, एक ही जगह सभी वर्गों का अंतिम संस्कार और एक ही जलस्रोत से सभी वर्गों के पानी पीने के लिए अभियान में तेजी लाएगा। इसके साथ ही सभी गांवों में शाखा लगाने की गुंजाइश भी तलाशी जाएगी जिनमें युवाओं को प्रेरित किया जाएगा।