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RSS: UCC पर संघ से जुड़े संगठन ने किया सुशील मोदी के सुझाव का स्वागत; कहा- आदिवासियों के रीति रिवाज समझे जाएं

Sun, 09 Jul 2023 10:40 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sun, 09 Jul 2023 10:40 PM IST
सार

संसदीय समिति के अध्यक्ष सुशील मोदी ने हाल ही में एक बैठक में पूर्वोत्तर भारत सहित सभी आदिवासियों को किसी भी संभावित यूसीसी के दायरे से बाहर रखने की वकालत की थी। हालांकि कुछ विपक्षी सदस्यों ने परामर्श शुरू करने के लिए विधि आयोग के कदम के समय पर सवाल उठाया था।
 

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RSS body urges Law Commission to understand tribals customary practices before submitting report on UCC
समान नागरिक संहिता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में समान नागरिक संहिता को लेकर दिए गए बयान से यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। कई विपक्षी नेताओं ने इसका विरोध भी किया है। वहीं, अब आरएसएस से संबद्ध संगठन अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम ने समान नागरिक संहिता पर संसदीय समिति के अध्यक्ष सुशील मोदी के सुझाव का स्वागत किया है।  

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क्या था सुशील मोदी का सुझाव
संसदीय समिति के अध्यक्ष सुशील मोदी ने हाल ही में एक बैठक में पूर्वोत्तर सहित आदिवासियों को किसी भी संभावित यूसीसी के दायरे से बाहर रखने की वकालत की थी। हालांकि कुछ विपक्षी सदस्यों ने परामर्श शुरू करने के लिए विधि आयोग के कदम के समय पर सवाल उठाया था।
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वनवासी कल्याण आश्रम ने किया स्वागत
वनवासी कल्याण आश्रम के उपाध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह ने एक बयान में कहा कि अनुसूचित जनजातियों को इस कानून से बाहर रखने में हम संसदीय समिति के प्रमुख सुशील कुमार मोदी की भूमिका का स्वागत करते हैं। 
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बयान में वनवासी कल्याण आश्रम ने विधि आयोग से यह भी अनुरोध किया है कि उसके अधिकारी देश के विभिन्न आदिवासी क्षेत्रों का दौरा करें। इस दौरान वे आदिवासियों के प्रमुख लोगों और संगठनों के साथ चर्चा करके उनकी संक्रमणकालीन प्रणाली और विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार जैसे विषयों पर उनके विचारों को गहराई से समझने का प्रयास करें। उन्होंने विधि आयोग यूसीसी पर अपनी रिपोर्ट सौंपने में हड़बड़ी न करने का आग्रह किया।  

संगठन की अपील
साथ ही संगठन ने अनुसूचित जनजाति और उनके संगठनों के सदस्यों से अपील की कि प्रस्तावित यूसीसी को लेकर उनकी जो भी चिंताएं हैं उनकों सीधे विधि आयोग से साझा करें। इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से भ्रमित होने की जरूरत नहीं है।  

सिंह ने कहा कि इन दिनों यूसीसी को लेकर खासकर सोशल मीडिया पर काफी चर्चाएं चल रही हैं, जिससे आम लोग भ्रमित हो रहे हैं। आदिवासी समाज भी इससे अछूता नहीं है। निहित स्वार्थ वाले कुछ लोग भी आदिवासी समाज को गुमराह कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में वनवासी कल्याण आश्रम आदिवासी समाज, विशेषकर उनके सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों और शिक्षित वर्ग को सचेत करना चाहता है कि वे किसी के बहकावे में न आएं।


सिंह ने कहा कि विधि आयोग सभी हितधारकों से परामर्श के बाद केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगा और उसके बाद ही सरकार संसद में विधेयक लाएगी। ऐसा कोई बिल आने पर कल्याण आश्रम भी अपना सुझाव या फीडबैक देगा।

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