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दुनिया में हलचल मचाने वाले उत्पाद एलेक्सा के पीछे है इस भारतीय इंजीनियर का हाथ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 23 Jul 2018 10:45 AM IST
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रोहित प्रसाद
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यदि आप एलेक्सा (स्मार्ट वायरलेस स्पीकर) से पूछें कि तुम्हें किसने बनाया है तो उसका जवाब होगा अमेजन। मगर वह यह कभी नहीं बताती कि उसमें जान डालने का काम किसने किया है। यह स्पीकर आपकी एक आवाज पर सब काम करता है। यह अमेजन का असिस्टेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है। क्या आपको मालूम है कि इसके पीछे एक भारतीय इंजीनियर का दिमाग है। जी हां, इस इंजिनियर का नाम रोहित प्रसाद है जोकि झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं।
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प्रसाद ने अपने साथी टोनी रीड जो रिकोड की टेक, बिजनेस और मीडिया की 100 लोगों की सूची में 15वें स्थान पर थे उनके साथ मिलकर काम किया। जैफ बेजोस, सुसान फाउलर, मार्क जुकरबर्ग, टिम कुक, सुंदर पिचाई, एलन मस्क और सत्या नडेला उन 14 लोगों में शामिल थे जो उनसे आगे थे। रिकोड ने बताया कि रीड और प्रसाद ने मिलकर एलेक्सा को घर-घर में पहचाने जाने वाला नाम बना दिया है।
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फास्ट कंपनी 100 मोस्ट क्रिएटिव पीपुल इन बिजनेस की सूची में भारत में जन्में रोहित प्रसाद की रैंक 9 और रीड की 10 है। फास्ट कंपनी का कहना है कि प्रसाद और रीड ने अलेक्सा को कैटेगरी डिफाइनिंग कंज्यूमर एक्सपीरियंस में बदल दिया है। प्रसाद का परिवार अब भी रांची में रहता है और वह साल में एक या दो बार भारत आते रहते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता मीकॉन के लिए और उनके दादा हैवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन के लिए काम करते थे।
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प्रसाद ने डीएवी हाई स्कूल से अपनी पढ़ाई की है। आईआईटी रुड़की और बिड़ला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी से इंजिनियरिंग करने का उनके पास विकल्प था। लेकिन उन्होंने आईआईटी की बजाए बिड़ला को चुना। साल 1997 में उन्होंने अपनी इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड कम्युनिकेशन इंजिनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के लिनॉइस इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी से इलेक्ट्रॉनिक इंजिनियरिंग की पढ़ाई की। यहां उन्होंने वायरलेस ऐप्लिकेशन्स के लिए लो बिट रेट स्पीच कोडिंग पर रिसर्च की। यहीं से उनकी आवाज पहचानने की टेक्नॉलजी में रुचि बढ़ी।
14 साल तक रोहित डिफेंस कंपनी रेयथॉन की अनुसंधान और विकास शाखा बीबीएन तकनीक में रहे। यहां प्रसाद व्यापार ईकाई के उप प्रबंधक पद पर रहे। साल 2013 में वह अमेजन चले गए। दो साल पहले अमेजन ने उन्हें अलेक्सा आर्टिफिशिअल इंटेलिजेंस के हेड साइंटिस्ट का पद दिया था। जिसका नतीजा सभी के सामने है।