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रोहिंग्या मुस्लिमों का SC में हलफनामा, कहा- तिब्बतियों और श्रीलंकाई शरणार्थियों की तरह हो बर्ताव

Sat, 23 Sep 2017 12:37 PM IST
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा Updated Sat, 23 Sep 2017 12:37 PM IST
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Rohingya refugees in India file an affidavit in Supreme Court
भारत सरकार का रोहिंग्या मुसलमानों का इंटर सर्विसेज (ISI) और इस्लामी स्टेट (IS) के साथ संबंध बताए जाने और देश के लिए खतरा कहे जाने पर एक रोहिंग्या शराणार्थी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है। और कहा है कि रोहिंग्या शरणार्थी हैं और उन्हें भी तिब्बतियों और श्रीलंका के शरणार्थियों की तरह ही बर्ताव किया जाए।   
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शुक्रवार को दायर हलफनामे में कहा है कि रोहिंग्या का किसी भी  आईएसआई और इस्लामी स्टेट जैसे आतंकी संगठनों से कोई संपर्क नहीं है। भारत में ऐसा कोई रोहिंग्या नहीं है जो राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल है। 
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जम्मू एंड कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती  ने सदन में कहा था कि कोई भी रोहिंग्या आतंकी गतिविधियों में  सम्मिलित नहीं पाया गया है। असंवैधानिक रूप से सीमा पार करने वाले 38 में से 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है।
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पढ़ें:  केंद्र ने कहा- ISI से हैं रोहिंग्याओं के रिश्‍ते, तस्लीमा बोलीं- इंसानियत के लिए यहां जगह नहीं

दो रोहिंग्या मुसलमानों द्वारा दायर पीआईएल को न्यायालय ने सीज कर दिया है। मुस्लिम रिफ्यूजियों ने सरकार के 40,000 रोहिंग्याओं को देश से हटाने के मामले में चैलेंज किया है। कोर्ट इस मामले की सुनवाई 3 अक्टूबर को करेगी लेकिन अभी यह साफ नहीं है कि चाइल्ड राइट पैनल इस सुनवाई में भाग लेगा या नहीं।
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